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आर्थिक मंदी से अछूती नहीं है गारमेंट डिजाइनिंग

Thu, 21 Feb 2013 11:21 PM IST
लुधियाना/ब्यूरो
लुधियाना/ब्यूरो Updated Thu, 21 Feb 2013 11:21 PM IST
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garment designing is not unaffected by economic downturn

अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) की ओर से यहां 2014 के स्प्रिंग एवं समर सीजन के लिए फैशन फॉरकॉस्ट पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें इंग्लैंड की इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर सारा मेगिऑनी ने होजरी, निटवियर और टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े डिजाइनरों को विश्व बाजार में अगले साल आने वाले संभावित फैशन के बारे में जानकारी दी।

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इस अवसर पर एईपीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर पीएसएन मूर्ति ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में अब फैशन की भी सीमाएं खत्म हो गई हैं। मसलन जो फैशन इटली, फ्रांस और इंग्लैंड में चल रहा है, वहीं फैशन भारत में भी देखा जा सकता है। मूर्ति ने कहा कि एईपीसी साल में दो बार अगले साल के लिए फैशन पर सेमिनार कराता है।
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सारा ने बताया कि आने वाले वक्त में कॉटन एवं ब्लेंड के फैब्रिक्स की ज्यादा मांग रहेगी। इसके अलावा डिजाइनिंग में मंदी का असर देखा जा रहा है। अधिकतर डिजाइनरों का फोकस सस्ते उत्पादों की आकर्षक डिजाइनिंग करने पर है। आने वाले समय में ब्राजील की कॉर्निवल ड्रेस भी चलन में रहेगी। पैंट में कार्गों की मांग पॉकेट में बदलाव के साथ रहेगी। इसके साथ सारा ने स्थानीय डिजाइनरों के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर एईपीसी के कई अधिकारी मौजूद थे।

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