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महंगे एटीएफ पर धर्मेंद्र प्रधान को चिट्ठी लिखेंगे गजपति राजू

Wed, 05 Nov 2014 08:44 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 05 Nov 2014 08:44 AM IST
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Gajapati Raju to Write letter to Dharmendra Pradhan on expensive ATF

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) के दाम में 20 फीसदी से ज्यादा गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में हवाई ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में समानुपातिक कमी नहीं होने का मामला अब मंत्री स्तर तक पहुंच गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री ए. गजपति राजू इस मसले पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान को चिट्ठी लिखने वाले हैं।

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घरेलू विमानन कंपनियों का आरोप है कि तेल विपणन करने वाली कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत में कटौती के लाभ से उन्हें वंचित कर रही हैं। इनका कहना है कि जुलाई से अब तक क्रूड की कीमतों में 20 फीसदी से ज्यादा की कमी हुई है, लेकिन एटीएफ की कीमतों में महज 11 फीसदी की ही कटौती हुई है।
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इन्होंने अपनी पीड़ा नागरिक उड्डयन मंत्री तक पहुंचाई है, जो इस तर्क से सहमत हैं और अब इस मसले पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को चिट्ठी लिखने वाले हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी चाहते हैं कि क्रूड की कीमतों में कमी का पूरा लाभ विमानन जगत को मिले।
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देश में एटीएफ विपणन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस आरोप को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि जिस हिसाब से एटीएफ का उत्पादन लागत घट रही है, उस हिसाब से एटीएफ के दाम में कटौती हो रही है। ऐसा नहीं होता, तो जुलाई से अब तक एटीएफ की कीमतों में चार बार कटौती क्यों होती। अभी, तीन दिन पहले ही इसके दाम में 7.3 फीसदी की कटौती हुई है।


उनका कहना है कि भारत में एटीएफ के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों से नहीं, बल्कि एटीएफ की कीमतों से जुड़ी हैं। इसके अलावा घरेलू बाजार में एटीएफ की कीमत तय करने की प्रक्रिया में रक्षा मंत्रालय का भी हस्तक्षेप है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट हुई। इन परिस्थितियों में जब जितनी जरूरत महसूस होती है, दाम में कमी की जा रही है।

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