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पीएम के 'एनर्जी हाइवे' को अंजाम देगी गेल

Mon, 25 Aug 2014 09:04 AM IST
नई दिल्ली/ ब्यूरो
नई दिल्ली/ ब्यूरो Updated Mon, 25 Aug 2014 09:04 AM IST
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GAIL will execute PM's

पूर्वी भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एनर्जी हाइवे’ के रूप में जगदीशपुर-फूलपुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के निर्माण की घोषणा की है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल करीब 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से 2,050 किमी लंबी इस परियोजना का निर्माण करेगी। इस एनर्जी हाइवे से पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश को पर्याप्त और पर्यावरण अनुकूल ईंधन प्राप्त होगा।

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प्रधानमंत्री ने रांची में आयोजित एक जनसभा में इस परियोजना की घोषणा की। यह परियोजना पूर्वी भारत को नेशनल गैस ग्रिड से जोड़ेगी। इस पाइपलाइन से चार राज्यों के लाखों लोगों को फायदा होगा और इस क्षेत्र के 17 मुख्य शहरों वाराणसी, इलाहाबाद, पटना, गया, छपरा, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, बेतिया, भागलपुर, बोकारो, धनबाद, रांची, जमशेदपुर, आसनसोल, दुर्गापुर और कोलकाता में शहर गैस वितरण नेटवर्क लगाया जा सकेगा। इससे इन मुख्य शहरों में पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) सीधे घरों तक पहुंचेंगी और वाहनों को किफायती कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा पाइपलाइन से इस क्षेत्र के उर्वरक, बिजली और बड़े उद्योगों को फीड स्टॉक की सप्लाई की जा सकेगी।
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जगदीशपुर-फूलपुर-हल्दिया पाइपलाइन पर करीब 10,000 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा। पाइपलाइन के पहले चरण की क्षमता 16 एमएमएससीएमडी होगी, जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 32 एमएमएससीएमडी किया जाएगा। इससे लाभान्वित होने वाले उर्वरक कारखानों में गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी और मेटिक्स दुर्गापुर स्थित इकाइयां शामिल हैं। इनके अलावा बरौनी तथा हल्दिया स्थित रिफाइनरी, स्टील कारखानों, बिजली संयंत्रों एवं इस क्षेत्र में अन्य छोटे, मध्यम और बडे़ उद्योगों को प्राकृतिक गैस की सप्लाई की जाएगी। परियोजना से इस पूरे क्षेत्र में कृषि और आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी तथा युवाओं के साथ-साथ सभी को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
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पाइपलाइन के रूट का सर्वे शुरू
गेल ने पाइपलाइन के रूट के विस्तृत सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस सर्वेक्षण में इंजीनियरी सर्वेक्षण (टोपोग्राफी, जनसंख्या घनत्व इंडेक्स, मिट्टी की कठोरता और मृदा जांच सर्वेक्षण) और भूकर सर्वेक्षण (स्वामित्व के विवरण के साथ पाइपलाइन मार्ग के साथ पड़ने वाले प्रत्येक गांवों से इकट्ठा किए जाने वाले राजस्व का विवरण) शामिल हैं। सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण शुरू होगा।


पश्चिम बंगाल को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
जगदीशपुर-फूलपुर-हल्दिया पाइपलाइन के सबसे अधिक लाभान्वित पश्चिम बंगाल होगा। इसके बाद इस प्रोजेक्ट का सर्वाधिक फायदा बिहार को मिलेगा। 2,050 किमी लंबी इस पाइपलाइन में पश्चिम बंगाल से 385 किमी मेन लाइन और 360 किमी सहायक लाइन गुजरेगी। जबकि बिहार से इसकी 205 किमी मेन लाइन और 416 किमी सहायक लाइन गुजरेगी। हालांकि, घरेलू और औद्योगिक खपत के लिए गैस वितरण के कवरेज क्षेत्र के मामले में बिहार सबसे अधिक लाभान्वित होगा। बिहार के 12 जिलों से यह पाइपलाइन गुजरेगी। जबकि उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल तीनों राज्यों के कुल 15 जिलों से यह पाइपलाइन जाएगी।

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