अब FSSAI के राडार पर आईसक्रीम और फ्लेवर्ड दूध
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खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने मैगी पर बैन लगाने के बाद अब आईसक्रीम और फ्लेवर्ड दूध की ओर रुख कर लिया है।
एफएसएसएआई, आइसक्रीम और फ्लेवर्ड दूध के लिए नए गुणवत्ता मानक तय करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा दूध और दूसरे डेयरी उत्पादन के वर्तमान सुरक्षा मानकों को सख्त बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
चीन से आयातित दूध में मेलामाइन पाए जाने के बाद, एफएसएसएआई के सुझाव पर उसके आयात पर 16 जून 2016 तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा मानकों को सख्त बनाने का प्रस्ताव इस कदम के बाद आया है।
गुणवत्ता मानकों का दायरा बढ़ाया जाए
वर्तमान में भारत के खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियम दूध, पनीर और मक्खन के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों के लिए है।
अपने नवीनतम प्रस्ताव में नियामक ने दूध के लिए ज्यादा विशिष्ट और सख्त मानकों पर काम किए जाने की बात कही है। एक सूत्र के अनुसार, ‘दूध और इसके उत्पादों के गुणवत्ता मानकों का दायरा बढ़ाए जाने की जरूरत है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और अगले महीने मानकों का मसौदा लेकर आएंगे।’
सूत्र ने बताया कि एफएसएसएआई दूध और दूध के विभिन्न उत्पादों के लिए व्यापक नियम तैयार कर रहा है जिसके दायरे में आइसक्रीम और फ्लेवर्ड दूध भी आएंगे।