रेल मंत्री ने बजट भाषण में छुपाई महंगाई बढ़ाने वाली बड़ी बात
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भले ही रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यात्री किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन फिर भी उन्होंने लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाने वाली एक घोषणा की है। प्रभु
ने रेल बजट की स्पीच देते समय कहा कि मालभाड़े को तर्कसंगत रखा जाएगा, लेकिन यह नहीं बताया कि मालभाड़ा बढ़ेगा या फिर घटेगा।
सरकार ने माल भाड़ा बढ़ाकर करीब 1.21 लाख करोड़ रुपए के राजस्व को जुटाने का लक्ष्य रखा है। आपको बता दें कि इस रेल बजट में मालभाड़े में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर भी असर डालेगी। आइए जानते हैं कैसे 'प्रभु' ने चुपके से बढ़ा दिया आपकी जेब पर बोझ।
=> एलपीजी की ढुलाई में भी 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इससे एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिसकी सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
=> कोयले के लिए माल ढुलाई 6.3 फीसदी महंगी की गई है। इसका सबसे अधिक असर बिजली पर पड़ेगा। कोयले से पैदा होने बिजली महंगी हो सकती है।
देखें पूरी लिस्ट-
सिर्फ डीजल पर ढुलाई हुई है कम
=> सीमेंट के लिए माल ढुलाई 2.7 फीसदी बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि इससे सीमेंट के दाम भी बढ़ने की संभावना है।
=> यूरिया की ढुलाई भी 10 फीसदी तक महंगी हो गई है, जिसकी सीधा बोझ किसानों पर पड़ सकता है। इसकी वजह से खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि खेती की लागत बढ़ सकती है।
=> इतना ही नहीं, अनाज और दालों की ढुलाई भी 10 फीसदी महंगी हुई है, जिसके चलते भी खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
=> केरोसीन की ढुलाई में भी 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
=> आयरन ओर और स्टील की ढुलाई में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इससे सरिए की कीमतों की बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे घर बनाना महंगा हो सकता है।
=> डीजल की ढुलाई में करीब 1 फीसदी की कमी की गई है। साथ ही, चूना पत्थर और मैगनीज की ढुलाई पर भी करीब 0.3 फीसदी की कमी की गई है।