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पहले ही कदम पर कैश सब्सिडी ‘क्रैश’

Mon, 31 Dec 2012 10:12 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 31 Dec 2012 10:12 PM IST
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food fertiliser and fuel subsidies not part of cash transfer scheme

केंद्र सरकार की गेम चेंजर योजना कैश सब्सिडी पहले ही कदम पर ‘क्रैश’ हो गई है। सरकार इस योजना को एक जनवरी 2013 से 43 जिलों में लागू करने वाली थी, लेकिन आधी-अधूरी तैयारियों की वजह से पहले चरण में योजना के लड़खड़ाते कदम सिर्फ 20 जिलों में ही पड़ने वाले हैं। इस पर भी आलम यह है कि यह योजना सिर्फ छात्रवृत्तियों तक सिमट कर रह गई है। फिलहाल इस योजना में केवल सात स्कीमों को शामिल किया जा सका है।

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डीजल, खाद्य, खाद और केरोसिन पर फिलहाल कैश सब्सिडी नहीं मिलेगी। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाने की सरकार की तैयारी भी अभी पूरी नहीं हो सकी है। बहरहाल, कैश सब्सिडी योजना पहली जनवरी से जिन जिलों में लागू हो रही है उनमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के एक भी जिले शामिल नहीं हैं।
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सोमवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने एक जनवरी 2013 से 20 जिलों में इस योजना को लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक मार्च 2013 तक 43 जिलों में योजना लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 20 जिलों में, एक फरवरी से 11 जिलों में और एक मार्च से 12 जिलों में इसे लागू करने की तैयारी है।
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वित्त मंत्री ने बताया कि केरोसिन, डीजल, अनाज और खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को फिलहाल इस योजना में शामिल नहीं किया जा सका है। साथ ही उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में उन लोगों के खाते में भी सब्सिडी की रकम जाएगी जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा।

सरकार पर बरसी भाजपा
भाजपा ने एक जनवरी से शुरू होने जा रही कैश सब्सिडी योजना को लागू करने के तौर तरीकों पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी ने कहा कि सरकार ने बिना पूरी तैयारी के ही इस योजना पर अमल करने का ऐलान कर दिया है। जिन लोगों को इसका लाभ मिलना है उन सभी के बैंक खाते भी नहीं खुले पाए हैं और आधार नंबर भी नहीं मिल पाया है।

केंद्र सरकार पर बरसते हुए भाजपा ने कहा कि इस फैसले से गरीबों का कोई भला नहीं होने वाला है। पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार ने बिना पूरी तैयारी के ही योजना का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला लोगों को भ्रमित करने वाला है, क्योंकि सरकार को बीपीएल परिवारों की सही संख्या तक मालूम नहीं है।


हुसैन ने कहा कि एक ओर लगातार महंगाई बढ़ रही है और विकास दर घट रही है तो दूसरी ओर सरकार इस प्रमुख मुद्दों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए इस तरह की योजनाओं का ऐलान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजा से आम आदमी का कोई भला नहीं होने वाला है।

किन-किन योजनाओं पर मिलेगी कैश सब्सिडी
-अनुसूचित जाति के छात्रों को मैट्रिक के पहले मिलने वाली छात्रवृत्ति।
-अनुसूचित जाति के छात्रों को पोस्ट मैट्रिक के बाद मिलने वाली छात्रवृत्ति।
-ओबीसी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक के बाद मिलने वाली छात्रवृत्ति।
-अनुसूचित जनजाति के छात्रों को पोस्ट मैट्रिक के बाद मिलने वाली छात्रवृत्ति।
-इंदिरा गांधी मातृत्व सहायता योजना।
-धनलक्ष्मी योजना।
-अनुसूचित जाति और जनजाति के तहत रोजगार ढूंढने वाले प्रशिक्षुओं को कोचिंग और वोकेशनल प्रशिक्षण के लिए।

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