{"_id":"00704290-1a96-11e2-8947-d4ae52bc57c2","slug":"flying-license-of-kingfisher-airlines-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 20 Oct 2012 04:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। लाइसेंस सस्पेंड के बाद किंगफिशर के विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। किंगफिशर को अब अगले आदेश तक इंतजार करना होगा। इस संबंध में डीजीसीए का कहना है कि रिवाइवल प्लान सौंपने तक किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। डीजीसीए जानकारी देते हुए बताया कि किंगफिशर एयरलाइंस ने कारण बताओ नोटिस का जो जवाब दिया है उससे वह संतु्ष्ट नहीं है जिस कारण लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसला किया गया है।
डीजीसीए से जुड़े एक अधिकारी का इस संबंध में कहना है कि लाइसेंस सस्पेंड करने के संबंध में कानूनी विशेषज्ञों से राय ली गई उसके बाद यह कदम उठाया गया। यह कदम उठाने के पीछे के कारणों में किंगफिशर के कर्मचारियों को सात महीने से वेतन न मिलना। इसके भुगतान की मांग को लेकर वे 21 दिन की हड़ताल पर जाना। एक कारण यह भी है कि एयरलाइन प्रबंधन गतिरोध खत्म करने में अब तक कामयाब नहीं हो सका। एयरलाइन की उड़ानें पूरी तरह ठप्प हैं। हड़ताल की वजह से उसने 23 अक्तूबर को आंशिक तालाबंदी की घोषणा की थी। एयरलाइन आठ हजार करोड़ के घाटे में हैं और उस पर सात हजार करोड़ का कर्ज है।
एविएशन विशेषज्ञों का इस संबंध में कहना है कि लाइसेंस सस्पेंड होना किंगफिशर एयरलाइंस के लिए राहत की खबर मानी जानी चाहिए क्योंकि किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द होता तो बुरी खबर होती। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि डीजीसीए के फैसले से किंगफिशर एयरलाइंस को नोटिस का जवाब देने के लिए और वक्त मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीजीसीए से जुड़े एक अधिकारी का इस संबंध में कहना है कि लाइसेंस सस्पेंड करने के संबंध में कानूनी विशेषज्ञों से राय ली गई उसके बाद यह कदम उठाया गया। यह कदम उठाने के पीछे के कारणों में किंगफिशर के कर्मचारियों को सात महीने से वेतन न मिलना। इसके भुगतान की मांग को लेकर वे 21 दिन की हड़ताल पर जाना। एक कारण यह भी है कि एयरलाइन प्रबंधन गतिरोध खत्म करने में अब तक कामयाब नहीं हो सका। एयरलाइन की उड़ानें पूरी तरह ठप्प हैं। हड़ताल की वजह से उसने 23 अक्तूबर को आंशिक तालाबंदी की घोषणा की थी। एयरलाइन आठ हजार करोड़ के घाटे में हैं और उस पर सात हजार करोड़ का कर्ज है।
विज्ञापन
एविएशन विशेषज्ञों का इस संबंध में कहना है कि लाइसेंस सस्पेंड होना किंगफिशर एयरलाइंस के लिए राहत की खबर मानी जानी चाहिए क्योंकि किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द होता तो बुरी खबर होती। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि डीजीसीए के फैसले से किंगफिशर एयरलाइंस को नोटिस का जवाब देने के लिए और वक्त मिलेगा।
विज्ञापन