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पांच बातें, राहुल ने सीआईआई की बैठक में कहीं
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 04 Apr 2013 01:07 PM IST
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि देश को तरक्की के पथ पर ले जाना है तो सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। कोई भी सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती है। इसमें गांव के प्रधान से लेकर उद्योगपतियों तक की अहम भूमिका होगी।
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युवाओं को मिले सही ट्रेनिंग
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की बैठक में राहुल ने कहा कि देश में समस्या नौकरी की नहीं, बल्कि ट्रेनिंग की है। भारतीय युवा संघर्ष को तैयार है, बस हमें सही दिशा देने की जरूरत है।
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राहुल ने अपने भाषण में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में की गई गोरखपुर से मुंबई की यात्रा का जिक्र किया। इस ट्रेन यात्रा से उन्हें आम लोगों की सोच और सपनों की जानकारी मिली।
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शादी और प्रधानमंत्री बनने का सवाल गैर जरूरीः राहुल
राहुल ने बताया कि एक युवा किस तरह अपने सपने को पूरा करने के लिए जद्दोजहद करता है, यात्रा से यह मुझे पता चला। इससे एक बात तो साबित हो गया कि भारतीय युवा संघर्ष करने का माद्दा रखते हैं।
राजनीतिक ढांचा में बदलाव जरूरी
राहुल ने कहा कि चार हजार विधायक और 600-700 सांसद देश को चला रहे हैं। देश को तरक्की के पथ पर ले जाना है तो सभी लोगों को सिस्टम से जुड़ना होगा। यह निराशाजनक बात है कि राजनीतिक दलें जमीन से जुड़ी नहीं हैं।
एक प्रधान की गांव की विकास में अहम भूमिका होती है। एक सांसद के अधीन 500-600 ग्राम प्रधान होते हैं। अब समय आ गया है कि इन प्रधानों को विकास से जुड़े फैसलों में अधिकार मिले।
ऐसा देखा गया है कि ग्राम प्रधान किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा होता है। ऐसे में वह किस प्रकार राजनीतिक दल या नेता तक अपना विचार पहुंचा पाएगा।
एजुकेशन सिस्टम में बदलाव की वकालत
राहुल ने कहा कि देश में मानव संसाधनों की कमी नहीं है। हमें युवाओं को सही ट्रेनिंग देने की जरूरत है। यदि हम उन्हें सही शिक्षा और दिशा दे पाए तो बेरोजगारी खत्म हो जाएगी।
इसके लिए हमें वर्ल्ड एजुकेशन सिस्टम बनाने की जरूरत है। आखिर हम क्यों नहीं आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान बना रहे हैं?
यदि हम ऐसा करने में सफल रहें तो फिर निश्चय ही अपने युवाओं के सपने को पूरा करने में सक्षम होंगे। शिक्षा में उद्योगों को अपना योगदान देना होगा।
बुनियादी ढांचा बेहतर करने पर जोर
राहुल ने कहा कि भारतीय उद्योगपति बेहद साहसी हैं। हमें बस बुनियादी ढांचा को सुधारने की जरूरत है। इसके लिए हमें मजबूत और बड़ी सड़कें बनानी होंगी। बंदरगाह तैयार कर उन्हें कारोबार के लिए प्लेटफॉर्म देना होगा।
उद्योगपतियों से मिलती है ऊर्जा
राहुल ने कहा कि सीआईआई सम्मेलन में आना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है।
अब दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ गई है। इसका श्रेय बहुत हद तक यहां के उद्योगपतियों को जाता है। पहले भारत को ऊर्जा नदियों से मिलती थी, अब कारोबारियों से मिलती है।
राहुल ने कहा कि अकेले सरकार कुछ नहीं कर सकती है। इसके लिए सभी को साथ मिलकर चलना होगा। इसमें उद्योगपतियों की भूमिका बेहद अहम होगी। वैसे भी किसी इकोनॉमी को महज पैसे कमाने पर फोकस नहीं करना चाहिए।