फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   five point save your's money

ये 5 बातें जो बचाएंगी आपके रुपए को डूबने से

Mon, 05 May 2014 10:57 AM IST
Updated Mon, 05 May 2014 10:57 AM IST
विज्ञापन
five point save your's money

बीते साल की फाइनेंशियल प्लानिंग और टैक्स बचत के इंतजामों को जैसे-तैसे 31 मार्च तक निपटाने के बाद ज्यादातर लोगों ने अप्रैल का महीना दौड़भाग के बाद राहत की सांस लेने में ही गुजार दिया होगा।

विज्ञापन


नए वित्त वर्ष (2014-15) का पहला महीना यूं ही गुजर जाने के बाद अब समय है समय से जाग जाने और इस साल के लिए अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग की पुख्ता योजना बनाने का, ताकि इस साल सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से निपटाया जा सके।
विज्ञापन


अपने पोर्टफोलियो और संपत्ति पर सोच-विचार कर निवेश की योजना बनाने के लिए यह उपयुक्त समय है। शुरुआत में ही योजना बना लेने से आपको जहां अपने निवेश पर रिटर्न कमाने में मदद मिलेगी, वहीं वित्त वर्ष के आखिर में कर बचत के उपायों के लिए इधर-उधर चक्कर काटने से भी आप बचे रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कौन सी स्कीम में करें निवेश?

five point save your's money

निवेश की सालाना प्लानिंग को लेकर इस साल एक सबसे अहम सवाल यह उठ रहा है कि नई सरकार द्वारा आम बजट पेश किए जाने से पहले अभी ही निवेश की प्लानिंग शुरू कर देना कहां तक उचित होगा? इसके अलावा सके अलावा इस साल पुराने आयकर कानून की जगह बहु प्रतीक्षित प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) के भी पारित होने की संभावना है।

इसमें आयकर स्लैम और करछूट संबंधी प्रावधानों में कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। ऐसे में क्यों न फाइनेंशियल प्लानिंग को फिलहाल टाले रखा जाए?

इस बारे में फाइनेंशियल प्लानरों का कहना है कि निवेशकों को इसके दूसरे पहलू पर भी गौर करना चाहिए। वह, यह है कि नई सरकार का बजट जुलाई-अगस्त से पहले नहीं आएगा। ऐसे में निवेश को पूरी तरह लटकाए रखने से आपको 4-5 महीने के रिटर्न का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

कैसे बढ़ेगा आपका खजाना?

five point save your's money

निवेश विशेषज्ञों का कहना है कि परंपरागत निवेशों पर इन चीजों का बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। ऐसे में सिक्योर्ड इनवेस्टमेंट स्कीमों में निवेश के लिए बजट से पहले भी निवेश करने में कोई खास हर्ज नहीं है।

अलबत्ता इससे ऐसा करना आपको अपने निवेश पर करीब आधे वर्ष का रिटर्न गंवाने से बचाए रखेगा।  खुदरा निवेशक आमतौर पर जोखिमों से दूर रहते हुए बांड, राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) सावधि जमा (एफडी), पब्लिक प्राविडेंट फंड (पीपीएफ) व डेट फंड जैसे सुरक्षित माने जाने वाले निवेशों में प्राथमिकता के आधार पर निवेश करते हैं।

ऐसे निवेशकों के लिए अच्छी बात यह है कि उनके मनपसंद निवेश फिलहाल बेहतर स्थिति में हैं और रिटर्न दे रहे हैं। बैंक आमतौर पर 1 से 10 वर्ष तक की परिपक्वता वाले जमा पर 9 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह इससे आधे से 0.75 फीसदी तक अधिक है। लिक्विड फंडों ने भी पिछले एक वर्ष में 9 फीसदी और कम अवधि के फंडों ने करीब 8 फीसदी का रिटर्न दिया है।

प्रोफेशनल सलाह लेकर ही करें निवेश

five point save your's money

निवेश पर ज्यादा रिटर्न के लिए जोखिम उठाने से परहेज न करने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा समय में अच्छी बात यह है कि अर्थव्यवस्था में सुधार के बीच इक्विटी बाजार इस समय मजबूत स्थिति में है।

चुनाव से पहले की तेजी के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स फरवरी से अप्रैल के बीच 11.5 फीसदी चढ़ा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी सूचकांक इस दौरान 12 फीसदी से ज्यादा उछला है।

चुनाव के बाद केंद्र में मजबूत सरकार बनने बढ़ते आसार के बीच भारतीय बाजार के प्रति विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की धारणा काफी मजबूत बनी हुई है।

ऐसे में चुनाव के बाद आने वाले महीनों में बाजार में बढ़त का रुख बना रहने के आसार जताए जा रहे हैं। दूसरी ओर कई विशेषज्ञ यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि बाजार काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में एक बड़ा करेक्शन दिख सकता है। इसके अलावा बाजार पर नई सरकार के बजट का अच्छा खासा प्रभाव पड़ सकता है।

ऐसे में प्रोफेशनल सलाह लेकर ही इक्विटी में निवेश करने में समझदारी दिखती है। कंसल्टेंट आपको जोखिम भरे सेक्टरों से दूर रखते हुए उन सेक्टरों निवेश के बारे में सलाह दे सकेगा, जिनमें आने वाले दिनों में तेजी की प्रबल संभावना हो और जिनमें पैसा लगाना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है।

ठोस प्लानिंग के लिए जरूर बनाएं वित्तीय आपात कोष

five point save your's money

आपकी आमदनी में अगर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं या नौकरी अगर कम सुरक्षित है तो फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत एक ऐसा वित्तीय कोष (कैश रिजर्व) जरूर बनाएं, जिसके सहारे आपात स्थितियों में आपकी जिंदगी सुचारु रूप से चल सके।

इसके लिए अपने परिवार के 3 से 6 महीने का खर्च चलाने लायक राशि को अलग जमा करके रखें। इसके अलावा कुछ नकदी भी बचाए रखना जरूरी है, क्योंकि जीवन में कई दफा ऐसी स्थिति पैदा होती है, आपको तत्काल नकदी की जरूरत होती है ऐसे में हाथ में बहुत कम नकदी होने पर आप परेशानी में पड़ सकते हैं। ऐसी हालत में आपका कैश रिजर्व बहुत मददगार साबित होगा।

वित्तीय दायित्वों का रखें पूरा ख्याल

five point save your's money

फाइनेंशियल प्लानिंग में अकसर लोग निवेश की तो काफी ठोस योजना तैयार कर लेते हैं, पर अपनी देनदारियों और वित्तीय जिम्मेदारियों की ओर उनका ध्यान नहीं जाता। यह रवैया परेशानी खड़ी कर सकता है, क्योंकि ऐसे में देनदारियां चुकाने के लिए आपको अपने निवेश को बीच में ही तोड़ना पड़ सकता है।

इससे अपने निवेश में आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि देनदारियों व वित्तीय दायित्वों का पूरा-पूरा हिसाब लगाने के बाद उससे बची रकम को ही निवेश योजनाओं में लगाया जाए।

अगर आप पर क्रेडिट कार्ड जैसी ऊंची लागत वाली देनदारियां हैं, तो सबसे पहले इन्हें चुकाएं, क्योंकि इनपर आपको 50 फीसदी तक का ऊंचा ब्याज चुकाना पड़ सकता है, जबकि निवेश पर केवल 9-10 फीसदी रिटर्न आएगा। इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग करते वक्त  क्रेडिट कार्ड जैसे ऊंचे ब्याज वाले भुगतान को नजरअंदाज करने की भूल कतई न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed