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पांच माह की ऊंचाई पर पहुंची महंगाई दर
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 15 Aug 2013 12:02 AM IST
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महंगाई ने एक बार फिर बढ़ना शुरू कर दिया है। प्याज, सब्जियों, आलू, चावल और गेहूं समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में जोरदार उछाल के चलते महंगाई एक बार फिर आम आदमी की परेशानी बढ़ा रही है।
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थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जुलाई में लगातार दूसरे माह बढ़कर 0.93 फीसदी की बढ़त के साथ 5.79 फीसदी पर पहुंच गई। यह थोक महंगाई का पांच माह का सबसे ऊंचा स्तर है।
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इससे एक माह पूर्व जून में यह 4.86 फीसदी (अनुमानित) के स्तर पर थी, जबकि सालाना आधार पर देखें, तो जुलाई 2012 में महंगाई दर 7.52 फीसदी के स्तर पर थी।
सरकार की तरफ से बुधवार को जारी महंगाई के मासिक आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की महंगाई 9.74 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 11.91 फीसदी हो गई।
थोक मूल्य सूचकांक में 20.12 फीसदी का योगदान रखने वाले प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई जून के 8.14 फीसदी की तुलना में जुलाई में बढ़कर 8.99 फीसदी पर पहुंच गई। इस वर्ग में शामिल प्याज की महंगाई दर जून के 114 फीसदी के मुकाबले जुलाई में 144.94 फीसदी हो गई।
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सब्जियों के दाम 16.47 फीसदी की तुलना में 46.50 फीसदी की रफ्तार से बढे़। चावल 19.11 फीसदी की तुलना में 21.15 फीसदी बढ़ा। दालों में 7.39 फीसदी की गिरावट रही और आलू 6.45 फीसदी घटा। फल 4.80 फीसदी सस्ते हुए।
दूध, अंडा, मांस, मछली के दाम के बढ़ने की रफ्तार में भी कमी आई। महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये में रिकॉर्ड गिरावट से आयात महंगा होना रहा।
महंगाई में 64.97 फीसदी का बड़ा योगदान रखने वाले विनिर्माण (मैन्यूफैक्चरिंग) समूह की महंगाई जून के 2.75 फीसदी की तुलना में बढ़कर जुलाई में 2.81 फीसदी हो गई। इस वर्ग में शामिल खाद्य तेलों में जून में 2.23 फीसदी की गिरावट की तुलना में जुलाई में 3.04 फीसदी की बढ़त रही।
चीनी के महंगा होने की रफ्तार एक माह पहले के 1.93 फीसदी की तुलना में मामूली कम होकर 1.74 फीसदी रही। ईंधन और ऊर्जा वर्ग की महंगाई भी जून के 7.12 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 11.31 फीसदी हो गई। अखाद्य उत्पादों की महंगाई 7.57 फीसदी के मुकाबले घटकर 5.51 फीसदी रही।
महंगाई दर में इजाफा मुख्यत: खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी से हुआ है। ईंधन वर्ग और इससे जुड़ी कमोडिटी की कीमतों में तेजी भी इसके लिए जिम्मेदार है। यह एक अस्थायी रुख है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में महंगाई दर में कमी देखने को मिलेगी। अच्छे मानसून से कृषि उपज में बढ़ोतरी होने के आसार है, जिससे कि कीमतें नीचे आएंगी।-डॉ. दीदार सिंह, महासचिव, फिक्की
महंगाई दर में बढ़ोतरी मुख्यत: प्याज, सब्जियों, गेहूं, चावल और कई अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से हुई है। इस वर्ग में कीमतों का चढ़ना खासतौर पर चिंताजनक है, क्योंकि इसका बुरा असर सीधे तौर पर आम आदमी पर पड़ता है। दुखद यह है कि गोदाम अनाज से भरे होने के बावजूद खाद्यान्नों के दाम बढ़ रहे हैं। यह स्पष्ट तौर पर आपूर्ति के प्रबंधन की खामी को दर्शाता है।-डीएस रावत, महासचिव, एसोचैम