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फिच ने बढ़ाया भारत का रेटिंग आउटलुक
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 12 Jun 2013 09:53 PM IST
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सरकार द्वारा राजकोषीय घाटे को काबू में करने की कोशिशों का देश की क्रेडिट रेटिंग पर सकारात्मक असर हुआ है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत का रेटिंग आउटलुक निगेटिव से बढ़ाकर स्टेबल कर दिया है और रेटिंग ‘बीबीबी-’ पर बरकरार रखी दी है।
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फिच द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत की रेटिंग आउटलुक का सुधरकर स्टेबल (स्थिर) होने का सीधा मतलब है कि सरकार ने बजटीय घाटे को नियंत्रित करने के ठोस कदम उठाए हैं, जैसी प्रतिबद्धता सरकार ने वित्त वर्ष 2014 के बजट में जताई थी।
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इसके साथ ही सरकार निवेश और आर्थिक विकास से जुड़ी कुछ संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने में भी सफल रही। हालांकि, यह बहुत हद तक सीमित रहा।
फिच ने उम्मीद जताई है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की 2012-13 में वास्तविक आर्थिक विकास दर (जीडीपी) महज 5 फीसदी रही, जो 2011-12 में 6.2 फीसदी थी, इससे उबरकर तेजी का रुख अख्तियार करेगी।
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हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी धीमी रह सकती है, जबतक कि निवेश के लिए बेहतर माहौल न तैयार किया जाए। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2014 और 2015 में भारत की वास्तविक जीडीपी क्रमश: 5.7 फीसदी और 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
इससे पहले, वैश्विक रेटिंग एजेंसियां फिच और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने भारत को चेताया था कि यदि भारत सरकार घाटे को नियंत्रित करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के ठोस कदम नहीं उठाती है तो उसकी रेटिंग को ‘जंक’ ग्रेड में डाल दिया जाएगा।