{"_id":"9be6319c-5ce7-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"fisheries-will-be-agriculture-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में मत्स्य पालन को मिलेगा कृषि का दर्जा","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
यूपी में मत्स्य पालन को मिलेगा कृषि का दर्जा
लखनऊ/महेंद्र तिवारी
Updated Sun, 13 Jan 2013 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मत्स्य विभाग को प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से कृषि उत्पादन आयुक्त से जोड़कर जरूर रखा गया है मगर मत्स्य पालन के लिए कृषि का दर्जा अब तक नहीं मिल सका। इस बार शासन की योजना है कि मत्स्य पालन को कृषि में शामिल कर कृषि नीति में समाहित कर लिया जाए ताकि मत्स्य पालक भी किसानों की तरह सुविधाएं हासिल कर सकें।
विज्ञापन
मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि मत्स्य पालन का काम वैसे ही है जैसे गेहूं और धानउत्पादन का। दोनों में ही पानी और बिजली की आवश्यकता होती है। मगर मत्स्य पालन को गैर कृषि श्रेणी में माना जाता है और किसानों वाली कोई सुविधा नहीं मिलती। इस बार विभाग ने मत्स्य पालन को कृषि नीति में शामिल करने का प्रस्ताव किया है। इसे कृषि का दर्जा देने से जुड़ा प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा है। अब मत्स्य विभाग इसके विधिक पहलुओं की पड़ताल कर प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही में जुट गया है।
विज्ञापन
क्या होगा फायदा
-मत्स्य पालन को कृषि में शामिल करने के बाद मत्स्य पालकों को रियायती ब्याज मिलेगा। यदि कोई किसान फिश गैलेक्सी बनवाने पर 50 लाख रुपये लगाना चाहता है तो प्रदेश सरकार उसे 25 प्रतिशत अनुदान देगी। बाकी 37.5 लाख रुपये पर उसे समय-समय पर तय ब्याज दर (11-13 प्रतिशत) अदा करना होगा।
विज्ञापन
-बिजली दर में छूट मिलेगी।
-सिंचाई के लिए नहर का पानी लेने पर बिल में राहत मिलेगी।