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एनएसईएल निदेशकों के ठिकानों पर पड़े छापे
एजेंसी/मुंबई
Updated Mon, 30 Sep 2013 07:51 PM IST
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मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 5,600 करोड़ रुपए के भुगतान में गड़बड़ी के मामले में फंसे नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के प्रोमोटरों, निदेशकों और डिफॉल्ट करने वाले ब्रोकरों के खिलाफ रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर उनके ठिकानों की तलाशी ली।
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आर्थिक अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को एनएसईएल के प्रोमोटरों, निदेशकों और डिफाल्टरों के खिलाफ बेईमानी, धोखाधड़ी, विश्वास तोड़ने आदि के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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मामले की जांच के लिए वित्त सचिव अरविंद मायाराम की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद दर्ज की गई इस एफआईआर पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है।
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एमसीएक्स, एनएसईएल और एफटी के जुड़े करीब छह हजार करोड़ रुपए के डिफाल्ट में अब तक 16 राज्यों में 184 ठिकानों की तलाशी ली जा चुकी है।
इसमें एनएसईएल की प्रोमोटर कंपनी फाइनेंशियल टेक्नॉलजीस (एफटी) के सीएमडी जिग्नेश शाह और एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज के सीईओ जोसेफ मैसी के मुंबई स्थित घर की भी तलाशी भी शामिल है।
हालांकि मैसी ने अपने आवास की तलाशी लिए जाने की बात से इंकार किया है, जबकि जिग्नेश शाह की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
एमसीएक्स के सीईओ जोसेफ मैसी ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे घर पर कोई छापा नहीं पड़ा है। साथ ही मैं यह भी बताना चाहता हूं कि मामले की जांच में मैं पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हूं।
आर्थिक अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच में पाया कि पूरी तरह से एक आपराधिक मामला (क्रिमिनल अफेंस) बनता है। इसके बाद ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने इस मामले में कमोडिटी बाजार नियामक वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी से मिली जानकारियों के आधार पर जांच की है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा नेता व एनएसईएल निवेशकों की फोरम के अध्यक्ष किरीट सोमैया भी इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर चुके हैं।
पीआईएल में उन्होंने एनएसईएल और उसकी सहायक कंपनियों पर स्टॉक और नकदी आदि से संबंधित कागजात व साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने सरकारी अधिकारियों और नेताओं पर एनएसईएल के साथ साठगांठ करने का भी आरोप लगाया है।
इस पूरे मामले में एनएसईएल के 24 सदस्यों को निवेशकों की बकाया रकम के भुगतान के लिए स्पॉट एक्सचेंज को करीब 5,600 करोड़ रुपए देने हैं।
चरणबद्ध तरीके से भुगतान की योजना बनाए जाने के बावजूद बकाया की अदायगी के लिए अब तक नाममात्र की रहम ही उपलब्ध कराई गई है।