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जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाने वाले पर कसेगा चौतरफा शिकंजा

Mon, 04 Aug 2014 09:23 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली Updated Mon, 04 Aug 2014 09:23 PM IST
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Finimin asked to law ministry to draft a act against wilful defaulter

वित्त मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को विधेयक का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप दी है। नए कानून के जरिए जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाने वालों की संपत्ति जब्त करना, उनके लिए बाजार से पूंजी जुटाने, नए कर्ज लेने आदि की प्रक्रिया को सख्त करने के कदम उठाए जा सकते हैं। इस समय बैकिंग सेक्टर के डूबे कर्ज का आंकड़ा करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

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वित्त मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को नए कानून का मसौदा तैयार करने का कहा

ऑल इंडिया बैंक्स इमप्लॉयज एसोसिएशन द्वारा जानबूझ कर्ज न चुकाने वाले डिफॉल्टरों की सूची के अनुसार दिसंबर 2013 तक 50 डिफॉल्टरों ने करीब 40 हजार करोड़ रुपये बैंकों के नहीं चुकाए हैं। इस सूची में किंगफिशर एयरलाइंस, विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी कंपनी लिमिटेड, इलेक्ट्रो थर्म इंडिया लिमिटेड, जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियों के नाम हैं। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाने वाले बैंकों की बड़ी समस्या है। इसमें खास तौर से कॉरपोरेट शामिल हैं।

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ऐसे में एक सख्त कानून की जरूरत है, जिसमें बैंकों को ज्यादा से ज्यादा अधिकार मिल सके। इसी कवायद के तहत वित्त मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को नए कानून का मसौदा तैयार करने को कहा है। अधिकारी के अनुसार कानून को मूर्त रूप देने के लिए हमें संसद की मंजूरी लेनी होगी। हमारी कोशिश है कि नए कानून के जरिए ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।
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सूत्रों के अनुसार नए कानून में कानूनी मुद्दों को जल्द हल करने के लिए स्पेशल कोर्ट के गठन की भी तैयारी है। जिसके जरिए 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के कर्ज लेकर न चुकाने वाले कॉरपोरेट के मामलों की सुनवाई होगी। इसके अलावा सेबी के जरिए ऐसे कॉरपोरेट के लिए शेयर बाजार से पूंजी जुटाने आदि के प्रावधान सख्त करने के भी तैयारी है। जिससे कि यह कर्ज बैंकों के लौटा सकें। हाल ही में आरबीआई ने सेबी से इस संबंध में कवायद शुरू करने को भी कहा है।


सेबी ने शुरू की कवायद

सोमवार को भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन यू.के.सिन्हा ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा है कि वह जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वालों के लिए रेगुलेशन बनाने की कवायद शुरू कर चुका है। इस संबंध में वह भारतीय रिजर्व बैंक से भी बातचीत कर रहा है। नए नियम जल्द ही तैयार किए जाएंगे।

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