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एटीएम सुरक्षा पर जागी सरकार, बनेंगे नए नियम!
प्रश्ाांत श्रीवास्तव, दिल्ली
Updated Thu, 28 Nov 2013 05:06 PM IST
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बंगलुरू में महिला पर एटीएम के अंदर हुए गंभीर हमले के बाद अब वित्त मंत्रालय भी हरकत में आ गया है।
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मंत्रालय ने सभी बैंकों से इस संबंध में एटीएम को लेकर उनके सुरक्षा इंतजामों का विवरण मांगा है, जिससे कि सुरक्षा के संबंध में जरूरी बदलाव किए जा सकें।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2013 तक देश में कुल 1,27,950 एटीएम हैं। इनमें से 50 फीसदी से ज्यादा ऐसे एटीएम हैं, जिनकी सुरक्षा निजी एजेंसियों के भरोसे हैं।
इन एटीएम में करीब 40 फीसदी एटीएम ऐसे हैं, जहां सुरक्षा के लिए कोई गार्ड नहीं नियुक्त किए गए हैं। यानी देश में करीब 25 हजार एटीएम ऐसे हैं, जहां पर गार्ड नियुक्त नहीं है।
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नई गाइडलाइन आने की संभावना
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार देश के सभी बैंकों से कहा गया है कि वह अपने सुरक्षा इंतजामों का विवरण मंत्रालय को दें।
साथ ही सुरक्षा के संबंध में जो भी कदम उठाया जा रहा है, उसकी मंजूरी अपने बोर्ड से लें, इसके अलावा उसकी पूरी जानकारी वित्त मंत्रालय को भी दें।
एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी के अनुसार एटीएम के सुरक्षा इंतजामों को लेकर वित्त मंत्रालय के अलावा हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन से भी चर्चा हुई है। ऐसे में जरूरत पड़ने में सुरक्षा मानकों को लेकर नई गाइड लाइन आ सकती हैं।
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प्राइवेट एजेंसी नहीं रखती गार्ड
एटीएम की सुरक्षा के मुद्दे पर पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि बैंक ज्यादातर सीधे तौर पर केवल उन्हीं एटीएम में अपने गार्ड रखते हैं, जो कि शाखा पर स्थित हैं।
शाखा के अलावा दूसरी जगहों पर गार्ड रखने की जिम्मेदारी उस प्राइवेट एजेंसी की होती है, जिसे बैंक से रख रखाव और सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी मिली है।
कई जगहों पर जोखिम को न देखते हुए एजेंसियां गार्ड नहीं रखती हैं, जिसके लिए बैंक से उन्हें भुगतान नहीं मिलता है।