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निजी बैंकों की कार्य प्रणाली पर वित्त मंत्रालय ने उठाई उंगली

Wed, 15 May 2013 09:20 PM IST
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव Updated Wed, 15 May 2013 09:20 PM IST
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finance ministry objected to functioning of private banks

कालेधन को सफेद करने (मनी लांड्रिंग) के आरोप और आरबीआई की ऑडिट रिपोर्ट में भी नियमों की अनदेखी की बात सामने आने पर वित्त मंत्रालय अब निजी बैंकों की कार्य प्रणाली पर ऐतराज जता रहा है।

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मंत्रालय के अनुसार निजी बैंकों में इंसेंटिव कल्चर होने की वजह से बैंकों के कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर देते हैं। इसे देखते हुए बैंकों को इस प्रणाली में सुधार करने की बात मंत्रालय ने कही है।
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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि शुरुआत में तीन निजी बैंकों पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगा था। जिसकी जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बैंकों के कर्मचारी पैन कार्ड के सत्यापन, केवाईसी नियमों का पालन सही तरह से नहीं कर रहे हैं। साथ ही गलत तरीकों के जरिए लोगों के निवेश के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।
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पूरी जांच प्रक्रिया में यह बात भी सामने आ रही है कि निजी बैंकों में कर्मचारियों को ज्यादा कारोबार करने के लिए इंसेटिव प्रणाली के तहत काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यानी कि ज्यादा बिजनेस देने पर इन्हें ज्यादा प्रोत्साहन राशि मिलती है, जो कि वेतन के अतिरिक्त होती है।

ऐसे में कर्मचारी कई बार ज्यादा कमाई के चक्कर में भी नियमों की अनदेखी करते हैं और ग्राहकों को गुमराह भी करते हैं। अधिकारी के अनुसार इसे देखते हुए मंत्रालय ने निजी बैंकों को कहा है कि वह इस प्रणाली की जांच कर उसमें आवश्यक सुधार करें, जिससे कि नियमों का सख्ती से पालन हो सके।

जहां तक सार्वजनिक बैंकों पर लगे आरोप की बात है, तो इस पर वित्त मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अभी इस संबंध में जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कोई प्रतिक्रिया दी जा सकती है। एसबीई, पीएनबी, ओबीसी, बीओबी, येस बैंक, एलआईसी, रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस सहित करीब 30 वित्तीय संस्थानों पर कोबरापोस्ट ने स्टिंग आपरेशन के जरिए मनी लांड्रिंग का आरोप तीन चरणों में लगाया है।


क्या है मामला
वेब पोर्टल कोबरापोस्ट ने सबसे पहले मार्च में आईसीआईसाईआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया था। इसके अनुसार बैंक के कर्मचारी नियमों की अनदेखी मनी लांड्रिंग को प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिसकी जांच रिपोर्ट रिजर्व बैंक ने तैयार कर ली है। रिपोर्ट में बैंकों के कर्मचारियों पर कई तरह की अनियमितता की बात भी सामने आई है।

आरबीआई ने भेजा है कारण बताओ नोटिस
इस संबंध में आरबीआई ने तीनों बैंकों को आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा है।

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