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भारी पड़ेगा बड़े लेनदेन पर आयकर रिटर्न न भरना
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2013 10:20 PM IST
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अगर आपके पास पैन कार्ड है और आयकर रिटर्न भरे बिना ही बड़े लेन-देन कर रहे हैं तो आयकर विभाग की नजर आप पर है। विभाग ने रिटर्न जमा नहीं करने वाले पैन धारकों की पहचान के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। खुफिया शाखा की मदद से आयकर विभाग ने ऐसे 12 लाख से ज्यादा पैन धारकों की पहचान कर ली है। अब इन्हें नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
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टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने में वित्त मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को सूचना प्रौद्योगिकी मदद से बड़ी कामयाबी मिली है। बिजनेस इंटेलीजेंस प्रोजेक्ट के तहत आयकर विभाग ने प्रॉपर्टी की खरीद, क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग, टीडीएस जैसी जानकारियों के आधार पर रिटर्न न भरने वाले 12 लाख 19 हजार पैन धारकों की पहचान की है। इन सभी को नोटिस भेजे जाने की तैयारी है। पहले चरण में इनमें से 35170 को चिट्ठी भेजकर कमाई और खर्च का हिसाब मांगा गया है।
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वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार इस अभियान में आयकर विभाग की पद्धति खुफिया एवं अपराध शाखा की मदद भी ली जा रही है। रिटर्न न भरने वाले पैन धारकों की पहचान में उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल, ऑनलाइन शॉपिंग और टीडीएस की जानकारी अहम साबित हो रही है।
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ऐसे मामलों पर कार्रवाई के लिए आयकर विभाग ने एक विशेष प्रकोष्ठ भी गठित किया है। सीबीडीटी के पूर्व चेयरमैन सुधीर चंद्रा का कहना है कि बड़े लेनदेन की जानकारी के आधार पर कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ना एक अच्छा कदम है। देश में सिर्फ चार लाख छह हजार लोगों ने अपनी आय 20 लाख से ज्यादा घोषित की है। पैन कार्ड के डेटाबेस के आधार पर कर चोरी करने वालों को पकड़ना आसान हो गया है।
गौरतलब है कि पैन धारकों और आयकर रिटर्न जमा करने वाले लोगों के बीच बढ़ता अंतर सरकार के लिए चिंता का सबब बन चुका है। देश में पैन धारकों की तादाद 13 करोड़ से ऊपर है जबकि चार करोड़ से भी कम लोग आयकर रिटर्न भरते हैं।