{"_id":"82bf1c0306d51f463fc8c8dea038595c","slug":"fii-nri-investment-allowed-in-insurance-allied-activities","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंश्योरेंस में निवेश के नियमों में ढील","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
इंश्योरेंस में निवेश के नियमों में ढील
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Feb 2014 03:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने बीमे से संबंधित कई कारोबारी गतिविधियों में संस्थागत विदेशी निवेशकों (एफआईआई) और प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को 26 फीसदी तक निवेश करने की इजाजत दे दी है।
विज्ञापन
इसके तहत एफआईआई और एनआरआई अब इंश्योरेंसे ब्रोकिंग, थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेशन और बीमा सबंधी सर्वे के क्षेत्र में 26 फीसदी निवेश कर सकेंगे।
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के मुताबिक बीमा कंपनी के मामले में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), एफआईआई और एनआरआई निवेश मिलाकर 26 फीसदी विदेशी निवेश की सीमा लागू होगी।
विज्ञापन
सरकार की ओर से यह कदम बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 फीसदी करने की मांग को देखते हुए उठाया गया है।
अबतक बीमा क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट के तहत केवल एफडीआई के जरिए ही 26 फीसदी तक विदेशी निवेश की इजाजत थी।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने संबंधी बीमा विधेयक 2008 से लंबित पड़ा है।
संसद के मौजूदा सत्र, जोकि यूपीए सरकार का आखिरी सत्र होगा, में भी इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद न के ही बराबर है।