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प्लांट और मशीनरी की लागत पर 15% की मिलती है छूट

Sat, 02 Feb 2013 12:02 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क Updated Sat, 02 Feb 2013 12:02 AM IST
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fifteen percent discount on cost of plant and machinery

छोटे और मझोले कारोबारियों को प्लांट और मशीनरी के लिए होने वाले खर्च पर सरकार छूट देती है। इसके तहत कारोबारी 15 फीसदी तक पूंजी में छूट का लाभ ले सकते हैं। यह छूट कारोबारी प्लांट और मशीनरी के तहत तकनीक को बेहतर करने के लिए लिये गए कर्ज पर प्राप्त कर सकते हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय इसके लिए क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी अपग्रडेशन चला रहा है।

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किसे मिलता है फायदा
क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का लाभ माइक्रो एंड स्मॉल वर्ग के तहत आने वाले कारोबारी उठा सकते हैं। कारोबारी प्लांट और मशीनरी के तहत तकनीक के अपग्रडेशन पर लाभ उठा सकते हैं।
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कितना मिलता है लाभ
स्कीम के तहत प्लांट और मशीनरी की खरीदारी पर कारोबारी को निवेश की लागत पर 15 फीसदी की कैपिटल सब्सिडी मिलती है। स्कीम के तहत इस बात की शर्त है कि कारोबारी को इसके लिए प्रमाणित तकनीक वाली मशीनरी खरीदनी होगी। इसके तहत कर्ज लेने की अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपये तय की गई है।
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स्वीकृत तकनीकें
जैव तकनीक इंडस्ट्री, कॉरोगेटेड बॉक्स बनाने, ड्रग्स एंड फार्मा, कॉमन एफुलुएंट प्लांट, डाई, रबर प्रोसेसिंग यूनिट, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री, हैचरी, जानवरों के आहार बनाने वाली इंडस्ट्री, स्टोन इंडस्ट्री, ग्लास एंज सिरेमिक इंडस्ट्री, चमड़ा और उसके उत्पाद बनाने वाले उद्योग, पंखा और मोटर इंडस्ट्री, ऑटो कंपोनेंट, साइकिल के पार्ट्स, ताला, स्टील फर्नीचर, खादी और ग्रामोद्योग, वेल्डिंग आदि शामिल हैं।

किसे नहीं मिलता लाभ
इस स्कीम का लाभ केवल तकनीकी के अपग्रेडेशन के लिए ही मिलता है। ऐसे में यदि कोई कारोबारी पुरानी मशीनरी को बदलकर वैसी ही नई मशीनरी लगाना चाहता है, तो उस पर स्कीम लागू नहीं होगी। सेकंड हैंड मशीन की खरीद भी इसके तहत नहीं आती।

कहां करें आवेदन
सभी वाणिज्यिक बैंक, सहकारी बैंक, टेक्सटाइल मंत्रालय के तहत चलने वाली टफ स्कीम के जरिये, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राज्य वित्त निगम आदि प्रमुख वित्तीय संस्थान हैं, जहां योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है।


नोडल एजेंसी
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) व नाबार्ड प्रमुख नोडल एजेंसी हैं। एसबीआई, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर आदि को स्कीम की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से दी गई है।

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