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निर्यातकों पर वैट जैसे राज्य कर हों वापस

Tue, 15 Jan 2013 09:57 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 15 Jan 2013 09:57 PM IST
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fieo for refund of state levies creation of exporter fund

निर्यातकों की शीर्ष संस्था फियो ने कहा है कि देश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बजट में राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले वैट जैसे कुछ निश्चित कर वापस करने का प्रावधान करना चाहिए। इसके ही साथ फियो ने निर्यातकों के लिए निर्यात विकास फंड बनाने और रियायती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराने के उपाय भी बजट में शामिल करने की मांग की है।

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सरकार को बजट पूर्व सौंपे अपने प्रस्ताव में फियो के अध्यक्ष रफीक अहमद ने कहा कि ग्लोबल मंदी के प्रभाव से जूझ रहे निर्यातकों को तत्काल प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। निर्यातक राज्य और स्थानीय करों का बोझ भी उठा रहे हैं। इन करों के चलते हमारे निर्यातक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ते जा रहे हैं। इसलिए वैट, पेट्रोलियम उत्पादों पर बिक्री कर और चुंगी जैसे करों का रिफंड करने के उपाय आगामी बजट में करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से निर्यातकों खासकर कमोडिटी का कारोबार करने वालों को 2-3 फीसदी का लाभ मिलेगा।
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अहमद ने केंद्रीय बिक्री कर समाप्त करने के अलावा उत्पाद के पंजीयन से जुड़े मामलों में भारतीय निर्यातकों के विदेशी कार्यालयों को भेजे जाने वाली रकम पर सेवा कर से राहत देने की मांग की। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को तत्काल प्रभावी करने की भी मांग की है। अहमद ने कहा कि निर्यात इंडस्ट्री के लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सके।
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वैट, बिक्री कर, विद्युत कर और डीजल व पेट्रोल पर लगने वाले करों को जीएसटी में ही शामिल कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने बजट पूर्व प्रस्ताव में सुझाव दिया कि उत्पादों की जोरदार तरीके से मार्केटिंग के लिए निर्यात विकास फंड बनाना चाहिए। वैकल्पिक रूप से एमएसएमई निर्यात सेक्टर को कर कटौती में छूट के साथ बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) रूट से फंड जुटाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

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