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धान में नमी की मार झेल रहे हैं किसान
राजपुरा/कैथल/अजीत सिंह
Updated Tue, 20 Nov 2012 10:07 PM IST
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धान की नमी ने हरियाणा और पंजाब में किसानों के लिए एक नई मुसीबत पैदा कर दी है। कटाई में देरी और सर्दियों के जल्द शुरू होने से मंडी पहुंचने वाली धान में नमी की मात्रा तय मानकों से ज्यादा है, जिसे सरकारी एजेंसियां खरीदने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसानों को अपनी उपज मजबूरी में कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। वहीं, दूसरी ओर नम धान की वजह से खरीद प्रक्रिया में भी देरी हुई है।
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राजपुरा आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव डेहरा ने बताया कि इस साल मंडी में आए करीब 40 फीसदी धान में नमी की मात्रा 17 फीसदी के तय मानक से ज्यादा रही है। इसे सुखाने वजह से खरीद में देरी होती है और किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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डेहरा का कहना है कि नमी का यह मानक करीब 20-25 साल पहले तय किया गया था, जब कटाई का काम हाथ से होता था और उपज को मंडी तक पहुंचने में कई दिन लगते थे। लेकिन अब मंडी पहुंचने वाले ज्यादातर धान में 19-20 फीसदी नमी होती है। इसलिए सरकारी एजेंसियों को नमी का मानक 17 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर देना चाहिए।
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भारतीय खाद्य निगम पटियाला के सहायक महाप्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल) रवि शेखर का कहना है कि ज्यादा नमी वाले धान के सड़ने का खतरा है इसलिए धान को सुखाने के बाद ही खरीदा जाता है। पहले के मुकाबले अब कटाई सीजन छोटा होने और मशीनों से कटाई होने की वजह से धान को खेत में सूखने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। धान में ज्यादा नमी होने की मुख्य वजह यही है।
कैथल मंडी में धान बेचने आए किसान होशियार सिंह ने बताया कि मंडी में धान को गीला बताकर आढ़ती कम दाम पर खरीदते हैं। धान सुखाने के लिए किसान का मंडी में रुके या फिर कम दाम पर बेचकर चला जाए। कितना भी सूखा ले आओ, मंडी वाले उसे गीला ही बताते हैं। नम परमल धान को आढ़ती 1,280 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य से 100-50 रुपये कम पर ही खरीदते हैं।
बासमती धान का भाव 3,000 के पार
इस साल पंजाब और हरियाणा में किसानों को बासमती धान की अच्छी कीमत मिल रही है। खाड़ी के देशों से बासमती की मांग बढ़ने और इन राज्यों में बासमती का उत्पादन गिरने से धान के भाव में करीब 30 फीसदी का इजाफा हो चुका है। मंगलवार को कैथल मंडी में पूसा-1121 बासमती धान का भाव 28-2,900 रुपये प्रति कुंतल और बासमती प्योर का भाव 3,350 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गया है। राजपुरा मंडी में भी बासमती प्योर का भाव 3,400 रुपये और पूसा-1121 बासमती का भाव 2,925 तक रहा। इस साल देश से कुल 19 लाख टन बासमती के निर्यात का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। पिछले दिनों ईरान और कतर से भी करीब 73 हजार टन बासमती के आयात के ठेके मिले हैं।