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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से किसान बन रहे उद्यमी: पवार

Thu, 08 Nov 2012 12:15 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Nov 2012 12:15 AM IST
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farmers become entrepreneurs to food processing sector says sharad pawar

कृषि मंत्री शरद पवार का मानना है कि तेजी से विकास कर रहे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से किसान अब उद्यमी बन रहे हैं। हरियाणा के कुंडली में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन (निफटेम) का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रसंस्करण उद्योग किसानों और उद्यमियों के बीच एक पुल का काम तो कर ही रहा है।

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साथ ही ग्रामीण इससे नई नौकरियों की संभावनाएं भी बन रही हैं। इसके अलावा उपभोक्ता के भुगतान मूल्य और उत्पादकों को मिलने वाली रकम के बीच का अंतर भी कम हो रहा है। मौजूदा समय में प्रसंस्करण उद्योग कृषि उपजों को निर्यात योग्य बनाकर विदेशी मुद्रा अर्जित करने का मुख्य स्रोत भी बन गया है।
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उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेजी से विकास करता क्षेत्र है, लेकिन फिलहाल यह जरूरी सुविधाओं की कमी, पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण केंद्र एवं परीक्षण सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। मानव संसाधनों की कमी भी इसके विकास में बहुत बड़ी अड़चन है। उद्यमी मानते हैं कि इस क्षेत्र के लिए कुशल श्रम शक्ति पाना कठिन काम है। इसी के चलते सरकार ने निफटेम की स्थापना की है। उम्मीद है कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मानव संसाधन के विकास में पथ प्रदर्शक साबित होगा।
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खास बात यह है कि इस संस्थान से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का हल एक ही स्थान पर हो सकेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा ने कहा कि राज्य सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए एक दृष्टिकोण पत्र तैयार कर रही है। इससे इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा।


उन्होंने उम्मीद जताई कि खाद्य उत्पाद बाजारों और फूड पार्कों के विकास से यह क्षेत्र जल्दी ही उत्तर भारत के खाद्य प्रसंस्करण के हब के रूप में विकसित हो जायेगा। राज्य सरकार फसल कटाई के उपरांत की सुविधाओं को जुटाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि कटाई के बाद किसानों की फसल का नुकसान न हो और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो।

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