विज्ञापन

रंगराजन समिति की सिफारिशों से किसान गदगद

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 12 Oct 2012 09:20 PM IST
farmers are happy rangarajan committee suggetions
विज्ञापन
ख़बर सुनें
रंगराजन समिति द्वारा चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने की सिफारिश पर उद्योग और किसान संगठनों ने खुशी जाहिर की है। चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने को लेकर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन की अध्यक्षता में समिति की गठन किया गया था। समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।  
विज्ञापन
भारतीय चीनी मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) का कहना है कि यदि सरकार समिति की इन सिफारिशों को मानती है तो इससे चीनी उद्योग का तेजी से विकास हो सकेगा। साथ ही निवेश को आकर्षित करने में भी मदद मिल सकेगी। वहीं, किसान संगठनों ने भी लाभ में हिस्सेदारी के समिति के सुझाव को सराहा है।

इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने की रंगराजन समिति की सिफारिश का स्वागत करते हुए कहा कि अगर सरकार इन सिफारिशों को मानती है तो इससे उद्योग को तीव्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही वर्षों से उपेक्षित इस उद्योग में निवेश के नए द्वार खुलेंगे। घाटे में चल रहा यह उद्योग भी अन्य क्षेत्रों की तरह नई तकनीक और नई सोच के साथ नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।

वर्मा के मुताबिक समिति की रिपोर्ट सकारात्मक है। समिति ने लेवी चीनी की बाध्यता और गन्ने मूल्य तय करने में सरकार के हस्तक्षेप को भी समाप्त करने का सुझाव दिया है। अब सरकार को बिना किसी देरी के समिति की इन सिफारिशों पर अमल करना चाहिए। ताकि चालू पेराई सीजन में उद्योग और किसान दोनों को इसका लाभ मिल सके।

वहीं, गन्ना किसानों के संगठनों ने भी समिति की सिफारिशों को मौजूदा समय की जरूरत बताया है। नेशनल अलायंस ऑफ फॉरमर्स एसोसिएशन (नाफा) के महामंत्री अनिल सिंह, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के अध्यक्ष राजू सेट्टी और किसान जागृति मंच के अध्यक्ष सुधीर पवार ने समिति की सिफारिशों का स्वागत करते हुए चीनी को तत्काल सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने का आग्रह किया है।

किसानों के मुताबिक इस क्षेत्र को नियंत्रण मुक्त करने से किसानों, मिलों और उपभोक्ताओं सहित सभी भागीदारों को लाभ मिल सकेगा। जाहिर है कि चीनी के उत्पादन से लेकर वितरण तक चीनी उद्योग सरकार के नियंत्रण में है। मौजूदा नियंत्रण व्यवस्था के तहत चीनी मिले चीनी की वही मात्रा खुले बाजार में बेच सकती हैं जो खाद्य मंत्रालय तय करता है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

गर्भवती को जलाकर मार डाला, कोर्ट ने पति, सास-ससुर को सुनाई बड़ी सजा

दहेज के लिए गर्भवती को जलाकर हत्या करने के मामले में फर्रुखाबाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने पति, सास, ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

KANGANA का क्या है फेवरेट प्रोजेक्ट, किस फिल्म ने लूटा इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस

KANGANA का क्या है फेवरेट प्रोजेक्ट, किस फिल्म ने लूटा इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस देखिए बी टाउन की सारी खबरें।

22 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree