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निर्यातकों को और छूट देने की तैयारी

Fri, 22 Mar 2013 11:14 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 22 Mar 2013 11:14 PM IST
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exports scenario is disturbing says anand sharma

देश के निर्यात और आयात के बीच बढ़ता अंतर सरकार के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने भी माना है कि इस साल का निर्यात पिछले साल के बराबर भी नहीं है। शुक्रवार को हुई बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में उन्होंने निर्यातकों को कुछ और रियायतें देने के संकेत दिए हैं।

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फरवरी में निर्यात सुधरने के बावजूद व्यापार घाटे को काबू में लाना मुश्किल हो रहा है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में व्यापार घाटा 182 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष के आखिर तक यह 193-196 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
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विदेश व्यापार के विभिन्न पहलुओं पर विचार के बाद उन्होंने आगामी 3 या 4 अप्रैल को निर्यात नीति के ऐलान का संकेत दिया है। इसमें निर्यातकों को ब्याज में छूट जैसी कुछ और रियायतें मिल सकती हैं। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 360 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा था, लेकिन फरवरी तक सिर्फ 269 अरब डॉलर का निर्यात हो पाया है। आनंद शर्मा ने कहा कि मौजूदा स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है।
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निर्यातकों ने मांगा सस्ता कर्ज
बैठक में निर्यातकों ने भी कई समस्याएं सरकार के सामने रखीं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रमोशन ऑर्गनाईजेशन (फिओ) के अध्यक्ष एम. रफीक अहमद ने कहा कि दो फीसदी की ब्याज छूट के बावजूद कर्ज महंगा पड़ है। उन्होंने डॉलर क्रेडिट सुलभ कराने और ट्रांसजेक्शन खर्च का बोझ घटाने की मांग की है। बैठक में कंटेनर कॉरपोरेशन की मॉनीपोली का मुद्दा भी उठा। इस मामले पर सरकार जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकती है।

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