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एसएंडपी को 6.5 फीसदी विकास दर की उम्मीद
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 21 Dec 2012 10:49 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी स्टेंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने 2013 में भारत की विकास दर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। एसएंडपी ने कहा है कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था में जारी रिकवरी को देखते हुए उसे देश की विकास दर साढे़ छह फीसदी पर रहने की संभावना दिख रही है। इसके साथ ही उसने चीन की विकास दर आठ फीसदी पर लौटने की बात भी कही है।
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एसएंडपी ने कहा है कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए हाल के वर्षों में काफी चुनौती भरे हालात रहने के बाद अब 2013 में वैश्विक स्तर पर किसी बड़ी गड़बड़ी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ग्लोबल अर्थव्यवस्था में 2009 के मध्य से रिकवरी शुरू होने के बाद से यह अबतक जारी है और उम्मीद है कि 2013 में भी सुधार का यह क्रम बना रहेगा।
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हालांकि यह दौर अब भी सतर्कता बरतने का है। एसएंडपी के चीफ ग्लोबल इकोनॉमिस्ट पॉल शेयर्ड ने कहा कि यह समय सतर्कता बरतने का इसलिए है क्योंकि रिकवरी की प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए 2013 में विकास दर का हमारा अनुमान 6.5 फीसदी का है। उन्होंने भारत के पड़ोसी देश और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को लेकर 2013 के दौरान ऋण नीति और ब्याज दरों में नरमी जारी रहने की उम्मीद जताई है।
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एजेंसी ने कहा कि वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में चीन की विकास दर के घटकर 7.4 प्रतिशत पर आने के बाद वर्ष 2013 में इसके फिर से आठ प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना दिख रही है। एसएंडपी ने ग्लोबल क्रेडिट आउटलुक 2013 पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था में सुधार जारी रखना अब नीति निर्धारकों के पाले में हैं।
उसने कहा है कि वर्ष 2013 में ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबरों की आशंका बहुत कम है। वर्ष 2008 में वित्तीय प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त होने के करीब थी और बहुत गंभीर वित्तीय संकट आ गया था। वर्ष 2008 के अंत में और वर्ष 2009 की पहली छमाही में स्थिति अधिक खतरनाक थी। वर्ष 2009 के मध्य में वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार दिखने लगा था और अब इसके वर्ष 2013 में भी जारी रहने की संभावना है।