अब हर घर में होंगे कम से कम दो बैंक अकाउंट
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देश के हर तबके तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार नए अभियान की शुरूआत करने जा रही है। वित्तीय समावेशन के अभियान की घोषणा और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर सकते हैं। इसके तहत देश के हर परिवार में कम से कम दो खाता खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
अगले तीन साल में ऐसे 7.5 करोड़ परिवारों को जोड़ा जाएगा, जिनकी अभी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं है। देश के 6 लाख गांवों को जोड़ने के लिए सरकार इस अभियान को दो चरण के तहत अगस्त 2018 तक पूरा करेगी। वहीं योजना के अनुसार पहले फेज के दौरान हर घर में कम से कम एक खाता जरूर खोला जाएगा।
अरूण जेटली ने की बैंकर्स के साथ बैठक
बृहस्पतिवार को सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक प्रमुखों के साथ हुई बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वित्तीय समावेशन के अभियान की शुरूआत करेंगे। सरकार इस अभियान के तहत पूरी वित्तीय सेवाएं देगी। यह अभियान पिछली सरकार की योजना से अलग होगा।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में शाखाएं खोलने की संभावना है, वहां पर नियमित ब्रिक और मोर्टार शाखाएं खोली जाएंगी। जहां पर शाखाएं खुलने की संभावना नहीं है, वहां पर एक या दो कर्मचारियों वाली शाखाएं खोली जाएंगी। इसके निचले स्तर पर किऑस्क और एटीएम के जरिए बैंकिंग सेवाएं दी जाएंगी।
इसके बाद बचे क्षेत्रों में बिजनेस कॉरस्पॉडेंट के जरिए सीधे लोगों से संपर्क कर बैंकिंग सुविधा दी जाएगी। जेटली के अनुसार हम पिछली सरकार के गांव तक पहुंचने के लक्ष्य की जगह हर घर तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
राशन की दुकान से मिलेगी बैंकिंग सुविधा
सू्त्रों के मुताबिक बैंकों के साथ हुई बैठक में वित्त मंत्री ने राशन की दुकानों, ग्रामीण डाक सेवक, कॉमन सर्विस सेंटर और फाइनेंस कंपनियों को भी बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट बनाने की बात कही है। बैंक इनके जरिए लोगों के खाते खोलने और दूसरी बैंकिंग सेवाएं दे सकेंगे।
दो चरणों में लागू होगा अभियान
सरकार की योजना है कि 15 अगस्त 2015 तक बैंकिंग खाते खोलने और एक लाख रुपये तक बीमा कवर आदि की सुविधा मिलेगी। जबकि दूसरे चरण में 15 अगस्त 2018 तक बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। इसके अलावा 5,000 रुपये तक ओवरड्रॉफ्ट, कर्ज की सुविधा, रूपे आधारित डेबिट कार्ड भी जारी करने की तैयारी है।
सभी तरह के मोबाइल पर लेन-देन की सुविधा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अभी बैंकिंग ट्रांजैक्शन की सुविधा स्मार्टफोन पर ही संभव है। सरकार की कोशिश है कि ट्रांजैक्शन की सुविधा साधारण फीचर्स वाले फोन पर भी दी जाए। इसके लिए सरकार जरूरी कदम उठाएगी।
डीबीटी को मिलेगा बढ़ावा
सरकार बैंकों का खाता खोलना फायदेमंद बनाने के लिए डीबीटी स्कीम के जरिए सब्सिडी ट्रांसफर को बढ़ावा देगी। सूत्रों के अनुसार इसके अलावा बैंकों को प्रति ट्रांजैक्शन 1 फीसदी शुल्क को बढ़ाकर 2 फीसदी करने की भी तैयारी है। वित्तीय समावेशन के तहत खुल चुके खातों की बकाया राशि भी बैंकों को देने की तैयारी है।