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हस्तशिल्प के लिए ब्याज छूट बढ़ाने की मांग

Sat, 16 Mar 2013 08:29 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 16 Mar 2013 08:29 AM IST
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epch demands exemption of interest limit for handicrafts

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने कहा है कि हस्तशिल्प सेक्टर के लिए ब्याज दर में छूट (इंट्रेस्ट सबवेंशन) की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। सेक्टर के लिए निर्यात पर वैट रिफंड को भी सरल बनाया जाना चाहिए।

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कैबिनेट सचिव अजीत सेठ की ओर से शुक्रवार को बुलाई गई हस्तशिल्प सेक्टर के प्रतिनिधियों की बैठक में ईपीसीएच के चेयरमैन अरविंद वढ़ेरा ने यह मांगें उठाईं।
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बैठक में वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के सचिव एसआर राव, वित्त सचिव आरएस गुजराल, डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीयल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) के सचिव सौरभ चंद्रा और डीजीएफटी अनूप के. पुजारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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कैबिनेट सचिव को हस्तशिल्प सेक्टर के निर्यात परफार्मेंस की जानकारी देते हुए वढे़रा ने कहा कि सेक्टर के लिए निर्यात पर वैट रिफंड को सरल बनाया जाना चाहिए और ब्याज दर में छूट की सीमा मौजूदा 2 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी किए जाने पर विचार करना चाहिए।

वढ़ेरा ने बताया कि कैबिनेट सचिव के समक्ष हस्तशिल्प सेक्टर के लिए सजावटी सामग्री और उपकरणों के शुल्क मुक्त आयात के प्रावधानों और उसकी सीमा बढ़ाए जाने का मामला भी उठाया गया। सरकार से सेक्टर को पैकेजिंग के लिए सहायता उपलब्ध कराने की भी की गई है।

हस्तशिल्प निर्यातकों को ईसीजीसी के अंतर्गत बीमे की सुविधा, देश में बिजनेस प्रदर्शनी पर सेवा कर में छूट, सहारनपुर को लकड़ी की नक्काशी इंडस्ट्री के लिए मेगा कलस्टर के रूप में घोषित किए जाने की मांग उठाई गई।

वढ़ेरा ने बताया कि कैबिनेट सचिव ने हस्तशिल्प सेक्टर से जुड़े सभी मामलों पर गौर किया और सेक्टर के विकास के लिए दिए गए सुझावों पर विचार करने के साथ हरसंभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिया।


हस्तशिल्प निर्यात 40 फीसदी बढ़ा
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि के दौरान 40.03 फीसदी बढ़कर 13,477.17 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 9,624.77 करोड़ रुपये का रहा था।

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