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तेज रफ्तार से बढ़ेगी इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट इंडस्ट्री
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2014 09:08 AM IST
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इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट्स का वैश्विक बाजार चार फीसदी से अधिक की दर से बढ़ने की उम्मीद है और अगले साल तक यह 527 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएससी) के चेयरमैन विनोद शर्मा का कहना है कि इलेक्ट्रानिक्स का वैश्विक उत्पादन आने वाले साल में 22 खरब डॉलर पहुंच सकता है और इसके ग्रोथ की रफ्तार तेज रहने की उम्मीद है।
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जर्मनी में हाल में हुई इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्रदर्शनी ‘इलेक्ट्रानिका 2015’ में शिरकत कर चुके शर्मा ने कहा कि वैश्विक इलेक्ट्रानिक्स इंडस्ट्री में तेजी का रुख है। प्रदर्शनी में शामिल हुए इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने इंडस्ट्री के ग्रोथ के प्रति आशावादी रुख दिखाया है। चार दिन तक चले इस आयोजन में 80 से अधिक देशों से 73,000 विजिटर और 50 देशों से 2,737 एक्जीबिटर शामिल हुए।
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शर्मा का कहना है कि इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर के लिए ‘मेक इन इंडिया’ एक अवसर है। सरकार की नीतियों को सक्षम बनाकर और वास्तविक मार्केट साइज की बदौलत हम भारत के भीतर उभरते अवसरों का विस्तार कर सकते हैं। इसमें नए निवेश और रिलोकेशन के लिए आकर्षक प्रोत्साहन आवश्यक है। वायरलेस, ब्राडबैंड, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से आज देश की 40 करोड़ से अधिक युवा आबादी दुनिया से अच्छी तरह से जुड़ी हुई है। इससे बाजार हमारे और करीब आ गया है।
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उन्होंने कहा कि कंपनियां को विनिर्माण और ग्राहकों के नजरिए से भारत को देखने की आवश्यकता है। ईएससी के कार्यकारी निदेशक डीके सरीन का कहना है कि इलेक्ट्रनिका 2015 में इलेक्ट्रानिक्स और सिक्युरिटी के बीच एक बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। दुनिया के साथ परस्पर संपर्क बढ़ने से हमें नई खोज और इनोवेशन का लाभ उठाने का अवसर उपलब्ध होगा।