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बजट में आर्थिक मजबूती के कदम जरूरी

Fri, 22 Feb 2013 02:16 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Fri, 22 Feb 2013 02:16 PM IST
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economic strength is essential in budget

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के लक्षणों के बीच केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा विकास दर का अनुमान घटा कर 5 फीसदी किए जाने के बाद उद्योग जगत ने सरकार से आगामी बजट में उद्योग जगत को सहारा व निवेश को बढ़ावा देने के कदम उठाने की गुजारिश की है।

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उद्योग संगठन फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा कि बजट में सरकार को विकास और निवेश को बढ़ावा देने के पुख्ता कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल है, हमें घरेलू स्तर पर ऐसे उपाय करने होंगे जिनसे मांग में तेजी आ सके और अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रही सुस्ती का दौर आगे जारी न रहने पाए।
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इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि विकास दर घटकर 5 फीसदी के स्तर पर आने का अनुमान काफी चिंताजनक है और यह इस बात का परिचायक है कि दुनिया भर में फैली व्यापक आर्थिक सुस्ती का असर हमारी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि निवेश को बढ़ावा दिया जाए।
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बनर्जी ने कहाकि सरकार को 50 बड़ी परियोजनाओं को चिह्नांकित करके उनको तयशुदा वक्त के भीतर जरूरी मंजूरियां दिलानी चाहिए। इसके अलावा रिजर्व बैंक को भी मौद्रिक नीति को उदार बनाने के दिशा में तेजी से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में सरकार की ओर से ऐसे प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिनसे उद्योग व कारोबार जगत की धारणा में मजबूती आऐ और विकास दर तेजी की ओर लौटे।

 
एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से खासतौर पर अपील की कि वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राजनीतिक सहमति बनाने के लिए जल्द से जल्द एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं, ताकि अर्थव्यवस्था में तेजी लाने वाले इन कानूनों को जल्द लागू किया जा सके। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीति से परे रखते  हुए आर्थिक विकास को वापस पटरी पर लाने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

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