{"_id":"1ebffbcc-7109-11e2-9304-d4ae52bc57c2","slug":"economic-growth-tate","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्थिक विकास दर घटकर 5% रहने का अनुमान","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
आर्थिक विकास दर घटकर 5% रहने का अनुमान
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 07 Feb 2013 03:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी पर आने का अनुमान लगाया है जो एक दशक में सबसे न्यूनतम स्तर है।
विज्ञापन
विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और कृषि सहित लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के चलते वृद्धि दर का अनुमान घटाया गया है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की ओर व्यक्त किया गया यह अनुमान सरकार और रिजर्व बैंक के अनुमान से भी काफी कम है।
सीएसओ ने कहा कि बहुत कम क्षेत्र ही ऐसे हैं जिसकी विकास दर पांच प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। उनमें निर्माण, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, वित्त, बीमा, रियल ईस्टेट, कारोबारी सेवाओं के साथ ही सामुदायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत सेंवाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
सीएसओ के अनुसार देश के प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर में गिरावट आने से चालू वित्त वर्ष में देश का जीडीपी मात्र पांच प्रतिशत की दर से ही बढे़गा, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में यह 6.2 फीसदी रहा था। संगठन के अनुसार चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की विकास दर दो प्रतिशत से भी नीचे 1.8 प्रतिशत पर आ जाएगी जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3.6 प्रतिशत रही थी।
विज्ञापन
देश की आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले क्षेत्रों विनिर्माण, बिजली, गैस, जलापूर्ति, वानिकीकरण और मत्स्यपालन की विकास दर में गिरावट आएगी। चालू वित्त वर्ष में कृषि, वानिकीकरण एवं मत्स्यपालन क्षेत्र की विकास दर के 1.8 प्रतिशत, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर के 1.9 प्रतिशत और गैस, बिजली एवं जलापूर्ति क्षेत्र के 4.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास दर के 5.7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान लगाया था। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में अपने पहले के अनुमान 5.8 प्रतिशत को कम कर 5.5 प्रतिशत कर दिया है।