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विकास दर ने बजाई खतरे की घंटी

Fri, 30 Nov 2012 03:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 30 Nov 2012 03:11 PM IST
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economic growth rate declines

2012-13 की दूसरी तिमाही के विकास दर के आंकड़े ने सरकार के लिए परेशानी पैदा कर दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक विकास दर 5.5 फीसदी से घटकर 5.3 फीसदी पर आ गई है। 2012-13 की पहली तिमाही में विकास दर 5.5 फीसदी थी।

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2011-12 की दूसरी तिमाही में विकास दर 6.9 प्रतिशत थी लेकिन वह तीसरी तिमाही में घटकर 6.1 फीसदी पर रह गई थी। 2011-12 की अंतिम यानी जनवरी से मार्च के बीच विकास दर 5.3 फीसदी रही थी।
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आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि विकास दर गिरने की वजह कई है। ब्याज दर अधिक है, इस वजह से कारोबारी कर्ज नहीं ले पा रहे हैं। विदेशी निवेश कम है। महंगाई बढ़ी है। डॉलर के मुकाबले रुपये की सेहत बहुत अच्छी नहीं है। सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़ रहा है।
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