एजुकेशन लोन लेने वाले छात्रों को झटका!
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चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से चुनाव प्रक्रिया के पूरे होने तक अपनी 2600 करोड़ रुपये वाली शिक्षा ऋण ब्याज माफी योजना को लागू नहीं करने को कहा है।
इस योजना से 9 लाख छात्रों को राहत मिलनी थी। इस योजना को वित्त मंत्रालय चुनाव प्रक्रिया के बाद लागू कर सकता है।
आयोग ने वित्त मंत्रालय को निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस स्कीम का किसी तरह का प्रचार नहीं किया जाए।
2600 करोड़ रुपए का किया था प्रावधान
लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण का मतदान 12 मई को होना है और मतगणना 16 मई को होनी है। 17 फरवरी को संसद में पेश अंतरिम बजट में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मार्च 2009 से पहले शिक्षा ऋण लेने वाले छात्रों की ब्याज माफी का ऐलान किया था, जिनका दिसंबर 2013 के अंत तक का ब्याज बकाया था।
इस स्कीम के लिए केंद्र सरकार ने 2600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। हालांकि 1 जनवरी 2014 के बाद के कर्जदाताओं को ब्याज से छूट नहीं दी गई थी।