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गाजियाबाद-नोएडा के लोगों को जूझना होगा जाम से, कोई नहीं हुआ तैयार!

Tue, 22 Apr 2014 03:17 PM IST
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Apr 2014 03:17 PM IST
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eastern periferal expressway is not easy task for next government

सोनीपत को बागपत, गाजियाबाद और नोएडा होते हुए पलवल से जोड़ने वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे निर्माण में किसी भी प्राइवेट डेवलपर ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

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करीब 135 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे को निजी भागीदारी के जरिए बनाने की केंद्र सरकार की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक पहले इस परियोजना को कैबिनेट से मंजूर कराया था, लेकिन निर्माण की बढ़ती लागत को देखते हुए कोई भी डेवलपर आगे नहीं आया है।
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सोमवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़े मुद्दों पर हाईवे डेवलपरों की बैठक बुलाई थी। बैठक में हाईवे डेवलपरों ने निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के निर्माण से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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संयुक्त सचिव (राजमार्ग) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि डेवलपरों ने निर्माण की बढ़ती लागत और निवेश के मुकाबले कम ट्रैफिक को वजह बताया है। हालांकि, मंत्रालय का मानना है कि परियोजना की लागत को देखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक कम नहीं रहेगा। इसलिए निजी भागीदारी के अलावा निर्माण के अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।


डेवलपरों को नई सरकार का इंतजार
यूपीए सरकार के आखिरी दिनों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाने की कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। शुरुआत में इस परियोजना में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और आईडीएफसी समेत पांच डेवलपरों ने दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन अब केंद्र में नई सरकार के इंतजार में हाईवे डेवलपरों ने अपना इरादा फिलहाल बदल दिया है। किसी भी डेवलपर के आगे नहीं आने से राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआई भी हैरान है।

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