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एसएमई को कर्ज मिलने की राह हुई आसान
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Jul 2013 11:44 PM IST
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छोटे और मझोले कारोबारियों को कर्ज आसानी से मिल सके इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कवायद शुरू कर दी है।
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नई कवायद में छोटे कारोबारियों के क्रेडिट रिकार्ड की जानकारी अलग वर्ग के तहत क्रेडिट इनफार्मेशन देने वाली कंपनियां रख सकती हैं।
यानी कि कंपनियों के जोखिम आदि का आकलन बड़े कॉरपोरेट्स के पैमाने पर नहीं किया जाएगा। इस कदम से अच्छा क्रेडिट रिकार्ड रखने वाले छोटे कारोबारियों को बैंकों से कर्ज मिलने की राह आसान हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में क्रेडिट इन्फार्मेशन देने वाली कंपनियों से बातचीत भी शुरू कर दी है, जिसके जरिए छोटे और मझोले कारोबारियों की क्रेडिट साख के बारे में बैंकों को आसानी से जानकारी मिल सकेगी।
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इस कदम का समर्थन करते हुए बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि छोटे और मझोले कारोबारियों के बारे में सटीक जानकारी मिलना बैंकों के लिए सबसे बड़ी समस्या है।
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यदि उनके लिए अलग से वर्ग बनाकर उनके क्रेडिट साख का आकलन किया जाएगा, तो बेहतर कारोबारी रिकार्ड रखने वाले कारोबारियों को बैंकों से कर्ज मिलना आसान हो सकेगा। साथ ही एसएमई के वर्ग में ज्यादा से ज्यादा कारोबारी भी शामिल हो सकेंगे।
यदि कारोबारी की क्रेडिट रेटिंग अच्छी होगी, तो न केवल उसे आसानी से कर्ज मिलेगा, बल्कि सस्ता कर्ज भी मिल सकेगा। प्राथमिकता क्षेत्र के तहत छोटे और मझोले कारोबारियों को मिलने वाले कर्ज की रफ्तार में कमी आई है।
माइक्रो एंड स्मॉल वर्ग के तहत मई 2011 में बैंकों से मिलने वाले कुल कर्ज 4,425 करोड़ रुपये रहा था, जो कि मई 2012 में बढ़कर 5,424 करोड़ रुपये और मई 2013 में 6,034 करोड़ रुपये हो गया है।