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ई-कॉमर्स डर नहीं, अवसर है
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2014 09:10 AM IST
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चालू वित्त वर्ष में वी-मार्ट कितने नए स्टोर खोलने जा रही है ?
पिछले वित्त वर्ष 2013-14 में वी-मार्ट ने कुल 23 नए स्टोर खोले थे और चालू वित्त वर्ष में लगभग इसी संख्या स्टोर खोलने की योजना है। यह सभी स्टोर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के छोटे शहरों में खोलने की योजना है। अभी वी-मार्ट के12 राज्यों के 77 शहरों में कुल 89 स्टोर हैं। सबसे बड़ी बात है कि वी-मार्ट फ्रेंचाइजी नहीं देती है।
23 नए स्टोर खोलने पर कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
एक स्टोर खोलने पर तकरीबन 45 लोगों को रोजगार मिलता है। ऐसे में लगभग 1,000 नए लोगों को रोजगार मिलेगा। अभी वी-मार्ट के पे-रोल पर 4,300 कर्मचारी हैं। हर स्टोर को वी-मार्ट खुद संचालित करती है।
वी-मार्ट के इतने स्टोर हैं, फिर आप मैन्यूफैक्चरिंग में क्यों नहीं आते?
हम रिटेलर बनना चाहते हैं। हमारे 1,200 वेंडर हैं, जो हमारे डिजाइन के मुताबिक माल बनाकर हमें देते हैं। हमारा केंद्रीकृत वेयरहाउस है, जहां से देशभर में गारमेंट की आपूर्ति की जाती है।
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ई-कॉमर्स का तेजी से प्रसार हो रहा है, आप इसे अपने बढ़ते कारोबार में रुकावट के रूप में तो नहीं देखते हैं?
बिल्कुल नहीं। अभी तो संगठित रिटेलर ही नहीं हैं। फिर ई-कामर्स तो बहुत ही सीमित है। मुख्य भारत तो छोटे शहरों में रहता है। आज भी छोटे शहरों में बाजार का माहौल वैसा ही है। ई-कॉमर्स कोई डर नहीं है, यह अवसर है। हम तो तैयार बैठे हैं इस अवसर को भुनाने के लिए।
गारमेंट सेक्टर में कारोबार का कैसा माहौल है?
लोगों में उत्साह है। गारमेंट के कारोबार में ग्रोथ की पूरी संभावना है। हमारी कंपनी पिछले सात सालों से हर साल 30 फीसदी की बढ़ोतरी ले रही है। यह आगे भी जारी रहने की संभावना है।
छोटे शहरों में ही क्यों स्टोर खोलते हैं?
बड़े शहरों में सेवा की लागत अधिक है। वहीं बड़े शहरों में कई ब्रांड के रिटेल स्टोर होते हैं, जबकि छोटे शहरों में काफी नामी ब्रांड अभी नहीं है।
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पिछले वित्त वर्ष 2013-14 में वी-मार्ट ने कुल 23 नए स्टोर खोले थे और चालू वित्त वर्ष में लगभग इसी संख्या स्टोर खोलने की योजना है। यह सभी स्टोर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के छोटे शहरों में खोलने की योजना है। अभी वी-मार्ट के12 राज्यों के 77 शहरों में कुल 89 स्टोर हैं। सबसे बड़ी बात है कि वी-मार्ट फ्रेंचाइजी नहीं देती है।
23 नए स्टोर खोलने पर कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
एक स्टोर खोलने पर तकरीबन 45 लोगों को रोजगार मिलता है। ऐसे में लगभग 1,000 नए लोगों को रोजगार मिलेगा। अभी वी-मार्ट के पे-रोल पर 4,300 कर्मचारी हैं। हर स्टोर को वी-मार्ट खुद संचालित करती है।
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वी-मार्ट के इतने स्टोर हैं, फिर आप मैन्यूफैक्चरिंग में क्यों नहीं आते?
हम रिटेलर बनना चाहते हैं। हमारे 1,200 वेंडर हैं, जो हमारे डिजाइन के मुताबिक माल बनाकर हमें देते हैं। हमारा केंद्रीकृत वेयरहाउस है, जहां से देशभर में गारमेंट की आपूर्ति की जाती है।
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ई-कॉमर्स का तेजी से प्रसार हो रहा है, आप इसे अपने बढ़ते कारोबार में रुकावट के रूप में तो नहीं देखते हैं?
बिल्कुल नहीं। अभी तो संगठित रिटेलर ही नहीं हैं। फिर ई-कामर्स तो बहुत ही सीमित है। मुख्य भारत तो छोटे शहरों में रहता है। आज भी छोटे शहरों में बाजार का माहौल वैसा ही है। ई-कॉमर्स कोई डर नहीं है, यह अवसर है। हम तो तैयार बैठे हैं इस अवसर को भुनाने के लिए।
गारमेंट सेक्टर में कारोबार का कैसा माहौल है?
लोगों में उत्साह है। गारमेंट के कारोबार में ग्रोथ की पूरी संभावना है। हमारी कंपनी पिछले सात सालों से हर साल 30 फीसदी की बढ़ोतरी ले रही है। यह आगे भी जारी रहने की संभावना है।
छोटे शहरों में ही क्यों स्टोर खोलते हैं?
बड़े शहरों में सेवा की लागत अधिक है। वहीं बड़े शहरों में कई ब्रांड के रिटेल स्टोर होते हैं, जबकि छोटे शहरों में काफी नामी ब्रांड अभी नहीं है।
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