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राष्ट्रपति भवन पहुंची ई-कॉमर्स की धमक
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2014 09:09 AM IST
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ई-कॉमर्स की धमक अब राष्ट्रपति भवन तक जा पहुंची है और इसकी शुरुआत हो रही है राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब ‘द ड्रमैटिक डिकेड : द इंदिरा गांधी ईयर्स गोज’ से। वर्ष की यह बहु-प्रतिक्षित किताब राष्ट्रपति के जन्मदिन यानी अगले बृहस्पतिवार (11 दिसंबर) को बाजार में आ रही है। यहां गौरतलब है कि इस किताब की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ही शुरू होगी। बुकस्टोर्स पर यह किताब 21 दिन के बाद उपलब्ध होगी।
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किताब की प्रकाशक रूपा ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन डॉट इन के साथ एक विशेष करार किया है, जिसके तहत शुरुआत के 21 दिनों तक यह किताब सिर्फ इस साइट से ही खरीदी जा सकती है। उसके बाद यह किताब लोकल बुकस्टोर्स से खरीदी जा सकेगी। राष्ट्रपति की किताब पर प्रकाशक के इस रवैये से ऑनलाइन और ऑफलाइन किताब विक्रेताओं के बीच तल्खी और बढ़ना तय है।
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ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के लिए भले ही इसे एक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा हो लेकिन बुकस्टोर चलाने वालों में इसको लेकर रोष है। बुकस्टोर संचालकों का कहना है कि राष्ट्रपति की किताब की बिक्री सिर्फ ऑनलाइन शुरू करना और 21 दिन उसे बुकस्टोर्स पर उपलब्ध कराना अनुचित और एकाधिकार जमाने वाला रवैया है। कुछ बुकस्टोर संचालक जहां भारतीय पब्लिशर का बहिष्कार करने की योजना बना रहे हैं वहीं कुछ ने ई-मेल के जरिए अपना विरोध जताया है।
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किताब बिक्री के इस पूरे वाकये को अंतरराष्ट्रीय एपिसोड की एक सीरीज के तौर पर देखा जा रहा है, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन किताब विक्रेताओं के बीच इस तरह तल्खी आम है।