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ज्यादा दाम वसूलने वाली दवा कंपनियों पर 328 करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 07 Dec 2013 12:18 PM IST
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केंद्र सरकार ने तय कीमतों से ज्यादा दाम वसूलने वाली दवा कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए इस साल नवंबर तक 328 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
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नेशनल फार्मासूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने सिप्ला, सनोफी, डायटर, कैडिला समेत कई दवा कंपनियों को तय कीमत से अधिक वसूलने का दोषी पाया। एनपीपीए ने इन कंपनियों के खिलाफ तय कीमत से अधिक वसूली के 72 मामले दर्ज किए हैं। एनपीपीए इन मामलों में अब तक 26 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है।
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एनपीपीए ने इस साल रेक्सीन फार्मासूटिकल पर लगभग 5.11 करोड़ रुपये, लिवोगार्ड 60 एमएल के लिए लार्क लैब पर 1.9 करोड़ रुपये, एकोस्पिरिन के लिए यूएसवी लिमिटेड पर 1.35 करोड़ रुपये, प्रेडोन फोर्ट और डायटर के लिए ओकासा फार्मा पर 2.38 करोड़ और 1.24 करोड़ रुपये, सनोफी पर लेक्सिस के लिए 62 लाख, सिप्लॉक्स आई ड्रॉप के लिए सिप्ला पर 8.74 करोड़ रुपये, कैडिला हेल्थकेयर पर डेक्सोलिन के लिए 1.35 करोड़ रुपये, बैक्सटर इंडिया पर आईवी फ्लूइड के लिए 3.55 करोड़ रुपये समेत कुल 316.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर 260.40 करोड़ रुपये वसूल भी किए हैं।
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एनपीपीए ने अब तक दवा कंपनियों पर कुल 1001 मामलों में 3162 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा और 260 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है।