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सूखे की मार से कैसे निपटेगी सरकार?

Sat, 30 Aug 2014 10:29 AM IST
Updated Sat, 30 Aug 2014 10:29 AM IST
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drought situation in india could be created problem for modi government

केंद्र और राज्य सरकारें भले ही सूखे का ऐलान करने से हिचक रही हों, लेकिन खेती पर कमजोर मानसून की मार साफ दिख रही है। इस साल करीब 32 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में खरीफ की बुआई नहीं हो पाई है। जिसके चलते दलहन, मोटे अनाज, तिलहन और गन्ने के उत्पादन को झटका लग सकता है।

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कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, गत 29 अगस्त तक देश के कुल 96.62 करोड़ हेक्टेअर क्षेत्र में खरीफ की बुआई हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक 99.80 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में बुआई हुई थी।
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जुलाई के आखिर और अगस्त के दौरान मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत में बारिश होने से खरीफ की बुआई ने रफ्तार पकड़ी है।

बारिश की कमी से जूझ रहे कई राज्य

drought situation in india could be created problem for modi government

लेकिन पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब सहित देश के 41 फीसदी इलाके अभी तक बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। कृषि आयुक्त जेएस संधू का कहना है कि धान को छोड़कर खरीफ की अधिकांश बुआई पूरी हो चुकी है।

इस साल कपास और धान का क्षेत्र बढ़ा है जबकि दलहन, तिलहन, मोटे अनाज व गन्ने का क्षेत्र कम है। उन्होंने इस साल की बुआई में अभी और इजाफा होने की उम्मीद जताई है।

तेजी होगी सूखे पर राजनीति

पश्चिमी यूपी में सामान्य से 58 फीसदी, हरियाणा में 66 फीसदी और पंजाब में 65 फीसदी कम बारिश के बावजूद राज्य सरकारों ने अभी तक सूखे से पीड़ित जिलों की अधिसूचना जारी नहीं की है।

इस मामले पर केंद्र भी राज्यों के हरकत में आने का इंतजार कर रहा है। जबकि महंगी सिंचाई किसान की कमर तोड़ रही है।

फसल-------2014-15 में क्षेत्र-------2013-14 में क्षेत्र (लाख हेक्टेअर)
धान-------350-------350
दलहन-------95-------101
मोटे अनाज-------171-------191
तिलहन-------172-------187
गन्ना-------47-------50
कपास-------123-------112
कुल खरीफ-------966-------998

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