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मकान बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स को न भूलें
नई दिल्ली/ कारोबार
Updated Sun, 27 Jul 2014 08:13 PM IST
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आपने यदि अपना मकान बेचा है या बेचने के बारे में सोच रहे हैं तो ध्यान रखें मकान की बिक्री से होने वाले लाभ पर आपको कैपिटल गेन टैक्स अदा करना होगा। यह मकान में आपके निवेश की अवधि के आधार पर शॉर्ट टर्म व लांग टर्म कैपिटल गेन पर आपको टैक्स अदा करना होगा। यदि घर को खरीदे हुए तीन साल पूरे हो चुके हैं तो उसे बेचने पर लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स लगेगा। यदि तीन साल पूरे नहीं हुए हैं तो आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स देना होगा।
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शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन
शार्ट टर्म कैपिटल गेन के लिए टैक्स की कोई विशेष दर नहीं होती। शार्ट टर्म कैपिटल गेन को करदाता की दूसरी आमदनी के साथ जोड़ दिया जाता है जिससे कुल कर योग्य आय के आधार पर उसे कर अदा करना होता है। करदाता की आय पांच लाख से कम है तो 10 फीसदी, पांच से 10 लाख के बीच है तो 20 फीसदी और यदि 10 लाख से अधिक है तो 30 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।
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शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को किसी अन्य निवेश के जरिए बचाया नहीं जा सकता। इसकी अदायगी से बचने का केवल एक ही रास्ता है कि यदि आपको कोई शार्ट टर्म पूंजी हानि हुई है, तो आप उसके साथ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन को समायोजित कर सकते हैं।
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लांग टर्म कैपिटल गेन
घर की बिक्री पर लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20 फीसदी की दर से लगता है। इसकी गणना कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के आधार पर की जाती है। उदाहरण के लिए यदि आपने वित्तवर्ष 2004- 05 के दौरान 10 लाख रुपये का कोई मकान लिया और उसे वित्तवर्ष 2013-14 में 50 लाख में बेच दिया। ऐसे में आपको इस पर 40 लाख रुपये का फायदा हो रहा है, लेकिन आपको 40 लाख पर टैक्स नहीं चुकाना होगा। आपको कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स के हिसाब से इंडेक्स कॉस्ट की गणना करनी होगी। इसके लिए कुल खरीद मूल्य को जिस वित्तवर्ष के दौरान घर बेचा गया है उस वर्ष के इंडेक्स से गुणा करके तथा जिस वित्तवर्ष के दौरान घर खरीदा गया है, उस वर्ष के इंडेक्स से भाग करके प्राप्त किया जा सकता है।
इस प्रकार 40 लाख को वर्ष 2013-14 के इंडेक्स यानी 939 से गुणा करके वित्तवर्ष 2004-05 के इंडेक्स 480 से भाग करना होगा। इस प्रकार गणना करने पर घर की इंडेक्स कॉस्ट 19,56,250 रुपये आएगी। अब इसे यदि विक्रय मूल्य (50 लाख) में से घटाएं, तो यह 30,43,750 रुपये होगा। इसी राशि पर आपको 20 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा। ध्यान रखें यदि संपत्ति अगर 1982 से पहले खरीदी गई है, तो उसके मूल्य का आकलन किसी पंजीकृत वैल्यूअर से करवाना होगा और उसी के अनुरूप इंडैक्स्ड कीमत पता करनी होगी।
कैसे बचाए लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स
सरकार ने इस टैक्स बचाने के कुछ विकल्प भी दिए हैं। पहला विकल्प है दूसरे घर में निवेश करके टैक्स बचाने का। यदि करदाता कुल कैपिटल गेन की राशि को घर बेचने के दो वर्षों के भीतर या घर बेचने से पहले एक वर्ष के भीतर किसी दूसरे घर में निवेश कर देता है तो उसे इस लाभ पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यदि करदाता जमीन लेकर उस पर घर बनवाता है, तो इसके लिए उसके पास घर बेचने की तिथि से तीन वर्षों का समय होता है।
ध्यान रहे कि करदाता को एक घर बेचकर कुल कैपिटल गेन की राशि को केवल एक ही घर में निवेश करना होगा। आप घर बेचने के दो वर्षों के भीतर नया घर खरीद सकते हैं, लेकिन ऐसे में आपको कैपिटल गेन की यह राशि अपना आयकर रिटर्न फाइल करने से पहले बैंक की कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम में जमा करनी होगी। टर्म कैपिटल गेन टैक्स बचाने का दूसरा विकल्प है कैपिटल गेन बांड में निवेश करना।
यह बांड आरईसी व एनएचएआई द्वारा जारी किए जाते हैं। टैक्स बचाने के लिहाज से इन बांडों में अधिकतम 50 लाख रुपये ही निवेश किए जा सकते हैं। इस बांड की अवधि तीन वर्ष है। इससे पहले इन्हें हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। वर्तमान में इन बांडों पर सालाना छह फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इस ब्याज पर निवेशक को टैक्स चुकाना होता है। बांड फिजिकल व डीमैट दोनों प्रकार से खरीदे जा सकते हैं।