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एक लाख करोड़ के आर्डर में घरेलू उत्पाद को मिल सकती है प्राथमिकता
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jan 2015 09:08 AM IST
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बिजली और कोयला क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनियों की तरफ से उपकरण खरीदारी के लिए जल्द ही जारी होने वाले एक लाख करोड़ रुपये के टेंडर में घरेलू खरीदारी को प्राथमिकता दी जा सकती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को पीएसयू के इस टेंडर से काफी प्रोत्साहन मिलेगा। हाल ही में बिजली, कोयला एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बिजली व कोयला कंपनियों की तरफ से उपकरण खरीदारी के लिए एक लाख करोड़ रुपये के आर्डर देने की घोषणा की थी।
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मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार इस आर्डर में घरेलू मैन्यूफैक्चरर्स को प्राथमिकता दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक इस खरीदारी में इस प्रकार की भी शर्त रखी जा सकती है कि इन उपकरणों का निर्माण घरेलू स्तर पर किया गया हो। चाहे कंपनी कोई भी हो।
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बिजली उपकरण के क्षेत्र में कई विदेशी कंपनियों ने भारत में संयुक्त उपक्रम के तहत उत्पादन शुरू कर दिया है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अब इस बात पर विचार किया जा रहा है कि बिजली व खनन उपकरणों की खरीदारी में घरेलू खरीदारी की शर्त को अनिवार्य करने पर विश्व व्यापार संगठन में चुनौती दी जा सकती है या नहीं।
दो साल पहले एमएनआरई की तरफ से सोलर परियोजना से जुड़े उपकरण में घरेलू डिवाइस के प्रयोग की अनिवार्यता पर अमेरिका ने आपत्ति दर्ज कराई थी। बाद में इस मामले को डब्ल्यूटीओ तक ले जाया गया था।