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वैश्विक बाजार के हिसाब से तय हो घरेलू गैस की कीमत
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jan 2013 11:06 PM IST
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प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन की अगुआई वाले पैनल ने प्राकृतिक गैस उत्पादन में साझीदारी के तंत्र पर अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि अमेरिका, यूरोप और जापान के औसत बाजार मूल्य और भारत में आयात होने वाले लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) कीमत को आधार बनाकर घरेलू प्राकृतिक गैस के बिक्री मूल्य को तय किया जाना चाहिए।
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समिति ने तेल ब्लॉकों में खोज के लिए समय बढ़ाने की सिफारिश की है। यह कहा गया है कि तेल व गैस खोज की अवधि साल वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष कर दी जाए। यह शर्त सभी ब्लॉकों पर लागू होगी और उन कुओं पर भी लागू होगी जिनकी खुदाई 1500 मीटर या इससे ज्यादा गहरी हो सकती है। और जिन पर 150 मिलियन डॉलर तक का खर्च आ सकता है।
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समिति का मानना है कि तेल खोज और ब्लॉकों के विकास के लिए नीति संबंधी मुद्दों को लेकर एक अंतरमंत्रालयी समूह गठित होना चाहिए। लेखापरीक्षा के मुद्दे पर यह कहा गया है कि सीएजी को समय-समय पर तेल व गैस ब्लॉक की सूची सौंपी जाए ताकि वे उन ब्लॉकों का चयन कर सके जिनकी सीधे तौर पर लेखा परीक्षा होगी।
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गैस मूल्य निर्धारण के लिए समिति ने जिस फामूर्ले को सुझाया है वह भविष्य में किये जाने वाले मूल्य निर्धारण संबंधी फैसलों पर लागू होगा। पांच वर्ष बाद इसकी समीक्षा तब की जा सकती है जबकि गैस ऑन कंपटीशन के सीधे आकलन के आधार पर मूल्य निर्धारण की संभावना बन जाती है।
मालूम हो कि रंगराजन समिति का गठन पिछले साल मई में तेल एवं गैस खोज कांट्रैक्ट में बदलाव के लिए सुझाव देने के लिए गठित की गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उत्पादन साझेदारी संविदा (पीएससी) के तहत ठेकेदार को अपनी पूरा लागत वसूलने की आजादी है। लेकिन सरकार उसके राजस्व का कुछ हिस्सा ले सकती है। यह इस बात पर आधारित होगा कि कितना निवेश किया गया है।