{"_id":"b3751097e1722c76d92ed5d9ca8c90a9","slug":"do-not-provide-loan-to-psu-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"PSU कंपनियों को बड़े कर्ज देने से मना किया","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
PSU कंपनियों को बड़े कर्ज देने से मना किया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 30 May 2014 03:11 PM IST
विज्ञापन
सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को बड़े कर्ज न दें। इस बाबत नए नियम भारतीय
विज्ञापन
रिजर्व बैंक ने नए नियम जारी कर दिए हैं। जानिए क्या कहा है आरबीआई ने?
भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों से कहा है कि वह सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को बड़े कर्ज न दें। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंकों का गठन मझोले और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देने के लिए किया गया है।
ऐसे में यह बात सामने आई है कि कई सहकारी बैंक बड़े राशि वाले कर्ज सार्वजनिक उपक्रमों को दे रहे हैं। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक इस कवायद को बंद करें।
बुधवार को सभी शहरी सरकारी बैंकों के प्रमुखों को जारी निर्देश में रिजर्व बैंक ने कहा है कि इस बात के मामले सामने आए हैं, कि कुछ सहकारी बैंक सार्वजनिक उपक्रमों को किसी रूप में अपना सदस्य दिखाकर बड़ी राशि में कर्ज दे रहे हैं, जो कि सहकारी बैंकों के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र, छोटे कारोबारी और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देना है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों से कहा है कि वह सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को बड़े कर्ज न दें। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंकों का गठन मझोले और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देने के लिए किया गया है।
ऐसे में यह बात सामने आई है कि कई सहकारी बैंक बड़े राशि वाले कर्ज सार्वजनिक उपक्रमों को दे रहे हैं। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक इस कवायद को बंद करें।
विज्ञापन
बुधवार को सभी शहरी सरकारी बैंकों के प्रमुखों को जारी निर्देश में रिजर्व बैंक ने कहा है कि इस बात के मामले सामने आए हैं, कि कुछ सहकारी बैंक सार्वजनिक उपक्रमों को किसी रूप में अपना सदस्य दिखाकर बड़ी राशि में कर्ज दे रहे हैं, जो कि सहकारी बैंकों के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र, छोटे कारोबारी और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देना है।