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अब तेजी से दौड़ेगी विनिवेश की गाड़ी
नई दिल्ली/ शिशिर चौरसिया
Updated Thu, 20 Nov 2014 07:59 AM IST
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देश की ब्लूचिप सरकारी कंपनियों में विनिवेश की गाड़ी अब तेजी से दौड़ेगी। इसी सिलसिले में अभी विनिवेश विभाग की सचिव आराधना जौहरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी विदेश दौरे पर हैं। बताया जाता है कि यह अधिकारी पीएसयू कंपनियों के विनिवेश से पहले रोड शो के लिए विदेश में हैं।
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चालू वित्त वर्ष के दौरान सात महीने तक आराम से बैठने के बाद अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय के विनिवेश विभाग में युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विनिवेश सचिव आराधना जौहरी के साथ साथ संयुक्त सचिव कुमार संजय कृष्णा, संयुक्त सचिव एपी सिंह और संयुक्त सचिव संगीता चौरे इस समय दौरे पर हैं और अगले सोमवार को ही कार्यालय में वापस आएंगे।
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इनके साथ मंत्रालय के कुछ निदेशक भी दौरे पर हैं। हालांकि उनके भ्रमण के बारे में तो उन्होंने विस्तार से नहीं बताया, लेकिन इतना संकेत किया कि अधिकारी रोड शो के सिलिसिले में सिंगापुर आदि देशों की यात्रा पर गए हैं।
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वर्ष 2014-15 के दौरान सरकार ने विनिवेश के जरिये 58,425 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इनमें से 43,425 करोड़ रुपये कुछ कंपनियों में विनिवेश के जरिये जबकि 15,000 करोड़ रुपये हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड और बाल्को में सरकार के बचे हुए शेयरों को बेच कर जुटाए जाएंगे।
एक अधिकारी के मुताबिक विनिवेश के लिए यह सर्वथा उपयुक्त समय है। इस समय शेयर बाजार शीर्ष पर है। देसी-विदेशी निवेशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति एक नया विश्वास पैदा हुआ है। इसलिए मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रोडशो पर निकले हैं। उनका कहना है कि यदि वर्तमान मूल्य पर देखा जाए, तो सिर्फ कोल इंडिया, ओएनजीसी और एनएचपीसी के विनिवेश से ही सरकार की झोली में करीब 44,000 करोड़ रुपये आ जाएंगे, जबकि लक्ष्य 43,425 करोड़ रुपये का ही है।
गौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार विनिवेश का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। पिछले वर्ष तो 40,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले महज 16,027 करोड़ रुपये ही जुटाए जा सके थे।