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पांच पीएसयू में विनिवेश को मिल सकती है मंजूरी
नई दिल्ली/ एजेंसी
Updated Fri, 14 Sep 2012 01:24 PM IST
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केंद्रीय मंत्रिमंडल की कल होने वाली बैठक में पांच सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में सरकार की कुछ हिस्सेदारी बेचने को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। बजट में सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की कुछ हिस्सेदारी बेचकर 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त वर्ष का करीब आधा समय बीत जाने के बावजूद अभी तक सरकार विनिवेश से एक भी रुपया नहीं जुटा पाई है। इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार अब इस दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने 2011-12 में विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, पर वह इस लक्ष्य से बहुत पीछे रह गई थी। सरकार के समक्ष वित्तीय घाटे को काबू में रखने की भी बड़ी समस्या है। बजट में वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.1 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सरकार विनिवेश के जरिये राशि जुटाकर अपने वित्तीय बोझ को कम कर सकती है।
वित्त मंत्रालय ने हिन्दुस्तान कॉपर, नाल्को, नेवेली लिग्नाइट, ऑयल इंडिया और एमएमटीसी में हिस्सेदारी बेचने के लिए अनुमति मांगी है। विनिवेश विभाग ने हिन्दुस्तान कॉपर में सरकार की 9.59 प्रतिशत, नाल्को में 12.15 प्रतिशत, नेवेली लिग्नाइट में पांच प्रतिशत, ऑयल इंडिया में 10 प्रतिशत और एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। हिन्दुस्तान कॉपर में सरकार की हिस्सेदारी 99.59 प्रतिशत है, नाल्को में 87.15 प्रतिशत, एमएमटीसी में 99.33 प्रतिशत और नेवेली लिग्नाइट में 93.56 प्रतिशत है।
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सरकार ने 2011-12 में विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, पर वह इस लक्ष्य से बहुत पीछे रह गई थी। सरकार के समक्ष वित्तीय घाटे को काबू में रखने की भी बड़ी समस्या है। बजट में वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.1 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सरकार विनिवेश के जरिये राशि जुटाकर अपने वित्तीय बोझ को कम कर सकती है।
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वित्त मंत्रालय ने हिन्दुस्तान कॉपर, नाल्को, नेवेली लिग्नाइट, ऑयल इंडिया और एमएमटीसी में हिस्सेदारी बेचने के लिए अनुमति मांगी है। विनिवेश विभाग ने हिन्दुस्तान कॉपर में सरकार की 9.59 प्रतिशत, नाल्को में 12.15 प्रतिशत, नेवेली लिग्नाइट में पांच प्रतिशत, ऑयल इंडिया में 10 प्रतिशत और एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। हिन्दुस्तान कॉपर में सरकार की हिस्सेदारी 99.59 प्रतिशत है, नाल्को में 87.15 प्रतिशत, एमएमटीसी में 99.33 प्रतिशत और नेवेली लिग्नाइट में 93.56 प्रतिशत है।
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