चुनावी चर्चा ने बढ़ा दी चाय की खपत
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चुनावी मौसम में चाय पर चर्चा का फायदा सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं है। देश भर में गरमाई राजननीतिक बहस और बैठकों के दौर ने इस साल चाय की खपत 5-6 फीसदी तक बढ़ा दी है। इसे देखते हुए चाय कंपनियां दाम बढ़ाने में जुट गई हैं।
मोदी के कैंपेन में चाय की कामयाबी से सबक लेते हुए कई टी-कंपनियां देश भर में अपने टी-लाउंज खोलने में जुट गई हैं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया टी-ट्रेडर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और मोहिनी टी लीव्ज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रमेश चंद्र अग्रवाल ने अमर उजाला को बताया कि मोदी के अभियान के बाद देश में चाय को लेकर सकारात्मक माहौल बना है।
चुनावी चर्चाओं और बैठकों की वजह से भी इस साल चाय की खपत 5-6 फीसदी तक बढ़ी है।
चाय के खुलेंगे लांज
लेकिन अभी भी शहरों में ऐसी जगह की कमी है, जहां लोग चाय पर मिल सकें। इसलिए मोहिनी टी ने उत्तर भारत के 10 शहरों में अपना टी-लाउंज खोलने का फैसला किया है।
अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में लखनऊ, कानपुर, चंडीगढ़, मेरठ, देहरादून, बनारस, भोपाल, अमृतसर, लुधियाना और इलाहाबाद में ऐसे टी-लाउंज खोलने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
चाय पर चर्चा के क्रेज को भुनाने के लिए कंपनी अपने टी-लाउंज में कई फ्लेवर की चाय और हल्के नाश्ते के अलावा अखबार और फ्री-इंटरनेट सर्फिंग जैसी सुविधाएं देने पर विचार कर रही है। इस तरह की टी-लाउंज अगले एक साल के भीतर तैयार हो जाएंगे।
कानपुर से शुरू हुई मोहिनी टी कंपनी ने हाल ही में दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर में विस्तार किया है। कंपनी घरेलू बाजार के अलावा चाय के निर्यात पर भी जोर दे रही है।
20-25 रुपये महंगी हुई चाय
इस साल मानसून सामान्य से कम रहने के अनुमान का असर चाय के प्याले पर पड़ने लगा है। अप्रैल से शुरू होने वाले सीजन में चाय का उत्पादन 17-18 फीसदी गिरा है।
इसे देखते हुए चाय कंपनियों ने अपने दाम 20-25 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए हैं। बारिश में कमी की आशंका को देखते हुए चाय के दाम अभी 10 रुपये और बढ़ सकते हैं।