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आईएसओ प्रमाण पत्र लेने पर छूट
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Fri, 08 Feb 2013 11:13 PM IST
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बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां और गुणवत्ता की मांग को देखते हुए आईएसओ जैसे प्रमाणपत्र लेना कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद रहता है। छोटे कारोबारियों में आईएसओ प्रमाण पत्र लेने को प्रोत्साहित करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय योजना चला रहा है। योजना के जरिए कारोबारी को आईएसओ प्रमाण पत्र लेने पर 75,000 रुपये तक खर्च की राशि वापस मिल जाती है। यानी कारोबारी को प्रमाण पत्र पर 75 हजार रुपये तक की छूट मिल जाती है।
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क्या है योजना
छोटे कारोबारियों में उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने और उनके द्वारा पर्यावरण के बेहतर प्रबंधन का इस्तेमाल करने आदि के लिए योजना चलाई जा रही है। जो कारोबारी ऐसा करते हैं, उसकी मान्यता के लिए आईएसओ प्रमाणपत्र अहम होता है। ऐसे में मंत्रालय कारोबारियों द्वारा प्रमाणपत्र पाने की खर्च राशि का 75 फीसदी हिस्सा तक वहन करता है, जिसमें अधिकतम राशि 75 हजार रुपये तक हो सकती है। यह छूट कारोबारी प्रमाणपत्र लेने के बाद आवेदन करने के बाद प्राप्त कर सकते हैं।
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कौन से प्रमाणपत्र के लिए पात्र
छोटे कारोबारी आईएसओ-9000, आईएसओ-14001 और एचएसीसीपी प्रमाणपत्र लेने पर योजना पर मिलने वाली छूट का लाभ ले सकते हैं।
किसे मिलता है लाभ
योजना के तहत स्थायी रूप से पंजीकृत छोटी इकाइयां, जो कि स्मॉल स्केल, एनसिलरी, टाइनी, स्मॉल स्केल सर्विस बिजनेस इंटरप्राइजेज वर्ग के तहत आती हों, इसमें शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा छूट का लाभ ऊपर दिए गए वर्गों के तहत आने वाली वह इकाइयां भी प्राप्त कर सकती हैं, जो कि पहले से आईएसओ प्रमाण पत्र ले चुकी हैं। दोबारा लाभ उन्हीं इकाइयों को मिलेगा, जो कि पूर्व में योजना के तहत लाभार्थी नहीं रहीं हैं।
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एक से ज्यादा इकाइयों पर लाभ
प्रमाण पत्र लेने के लिए आने वाले खर्च पर अधिकतम 75 हजार रुपये का ही लाभ मिलता है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी कारोबारी के लिए प्रमाण पत्र लेने का खर्च 75,000 रुपये से कम आता है, तो वह शेष राशि को दूसरे प्रमाण पत्र के खर्च पर प्राप्त कर सकता है। इसके तहत वह दोबारा या दूसरी इकाई के लिए प्रमाण पत्र लने की सुविधा उठा सकता है।
ईएम नंबर लेना होता है अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए कारोबारी को इंटरप्रेन्योरशिप मेमोरेंडम (ईएम) नंबर लेना अनिवार्य होता है। यह नंबर योजना के लिए आवेदन करने पर कारोबारी को मिलता है। स्कीम का लाभ कारोबारी एक ईएम नंबर पर एक ही बार उठा सकता है, जिसके तहत अधिकतम 75 हजार रुपये की राशि या फिर प्रमाण पत्र लेने के खर्च का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा (75 हजार से ज्यादा नहीं) मिलता है।