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तेजी पकड़ रहा डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 28 Mar 2013 11:01 PM IST
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देश में डायरेक्ट सेलिंग कारोबार वर्ष 2020 तक 34 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की संभावना है। भारतीय डायरेक्ट सेलिंग संघ की सालाना सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार औसतन 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।
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आंकड़ों के अनुसार देश में वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार 6,385.1 करोड़ रुपये का था, जो 2014-15 तक 10,843.6 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में 2019-20 डायरेक्ट सेलिंग कारोबार के 34 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की संभावना है।
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भारतीय डायरेक्ट सेलिंग संघ के अध्यक्ष एस. सुब्रमण्यम और महासचिव छवि हेमंत का कहना है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार अनिगमित क्षेत्र में हैं और इसे नियमित करने के लिए अलग कायदे कानून बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग की कंपनियां उपभोक्ताओं को सस्ते और किफायती उत्पाद उपलब्ध कराती हैं और इसका लाभ उत्पादक कंपनी और उपभोक्ताओं दोनों को होता है।
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सुब्रमण्यम ने बताया कि डायरेक्ट सेलिंग कारोबार से जुड़ी कंपनियों ने 2011-12 के दौरान 821.2 करोड़ रुपये का कर के रूप में भुगतान किया है जबकि वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान इन कंपनियों ने 647 करोड़ रुपये का कर दिया था। हेमंत ने बताया कि डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार रोजगार के अवसर बढ़ाने का अच्छा साधन है। आंकड़ों के अनुसार 2011-12 में इस कारोबार से 48,53,232 लोग जुडे़ हुए थे। 2014-15 तक इनकी संख्या 80 लाख तक पहुंच जाने की संभावना है।