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राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना मुश्किल
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 19 Nov 2012 09:54 PM IST
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2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी फ्लॉप होने के बाद सरकार के लिए राजकोषीय घाटे के लिए तय लक्ष्य को पाना मुश्किल होता नजर आ रहा है। सरकार का चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद का 5.3 फीसदी रखने का लक्ष्य है। हालांकि सरकार इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी तरह की कवायदें करने की बात कह रही है।
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सोमवार को एक्जिम बैंक के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन ने कहा कि सरकार राजकोषीय घाटे के 5.3 फीसदी के लक्ष्य को पाने के लिए सभी तरह की कोशिश करेगी। रंगराजन के अनुसार वित्त मंत्रालय ने जो तय लक्ष्य रखा है कि उस तक पहुंचने के लिए सभी कदम उठाएंगे।
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रंगराजन ने कहा कि अभी चालू वित्त वर्ष में चार-पांच महीने बाकी हैं। ऐसे में कई कदम उठाए जाने के मौके है। रुपये में गिरावट पर रंगराजन ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि रुपया डॉलर के मुकाबले इस साल 54-55 रुपये के करीब रहेगा। रंगराजन ने इसी तरह आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी करने के सवाल पर कहा कि हमें कीमतों पर अभी कुछ समय और नजर रखनी चाहिए।
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केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए शुरू में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 5.1 फीसदी रखा था। आर्थिक विकास दर में आई कमी के बाद से इसे बढ़ाकर 5.3 फीसदी कर दिया गया है। जिस तरह से 2जी स्पेक्ट्रम के लिए सरकार द्वारा तय लक्ष्य 40 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले कवेल 9,407 करोड़ रुपये आए हैं। उसे देखते हुए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।