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फिर पड़ी महंगाई की मार, डीजल 45 पैसे महंगा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2013 11:04 PM IST
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बजट सत्र के पहले चरण के समाप्त होते ही शुक्रवार को तेल कंपनियों ने डीजल के दाम में 45 पैसा प्रति लीटर के इजाफे की घोषणा कर दी। नई दरें शुक्रवार आधी रात से लागू हो गईं।
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पिछले हफ्ते तेल कंपनियों ने सरकारी नियंत्रण से मुक्त पेट्रोल के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की कमी की थी, लेकिन संसद सत्र चलने की वजह से डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया था।
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दरअसल सरकार पहले से ही सदन में कई मुद्दों पर अवरोध झेल रही थी। ऐसे में उसे ईंधन के दाम बढ़ाने के फैसले का भी विरोध झेलना पड़ता। इसलिए शुक्रवार को सत्र के पहले चरण के समाप्त होते ही तेल कंपनियों ने डीजल के दाम में 45 पैसा प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा कर दी।
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इंडियन ऑयल कारपोरेशन का कहना है कि डीजल बिक्री पर उन्हें अब भी करीब 8 रुपये 19 पैसे प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा रियायती रसोई गैस की बिक्री पर 439 रुपये प्रति सिलेंडर और केरोसिन पर 33 रुपये 43 पैसे प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
मौजूदा वित्त वर्ष में डीजल, रसोई गैस और केरोसिन को बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेचने से सरकारी तेल कंपनियों को कुल 1 लाख 63 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इंडियन ऑयल का 86,400 करोड़ का नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि पिछले तीन माह में डीजल के दाम तीसरी दफा बढ़ाए गए हैं। जनवरी में सरकार ने तेल कंपनियों को आजादी दी थी कि वे डीजल की अंडर रिकवरी को कम करने के लिए 40-50 पैसा प्रति लीटर का इजाफा प्रत्येक माह कर सकते हैं। इसके बाद से तेल कंपनियां समय-समय पर कीमतों में इजाफा कर रही हैं।