महंगे दिन: डीजल, रसोई गैस और केरोसिन के बढ़ेंगे दाम
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डीजल के बाद सरकार रसोई गैस और केरोसिन के दाम बढ़ाने जा रही है।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने पांच रुपये और केरोसिन के दाम प्रति लीटर पचास पैसे से एक रुपया तक बढ़ाने पर विचार हो रहा है ताकि इन दोनों ईंधनों पर 80,000 करोड़ की सब्सिडी धीरे-धीरे खत्म की जा सकी।
सब्सिडी हटने से और बढ़ेंगे दाम
यूपीए सराकर ने पिछले साल जनवरी में हर महीने डीजल के दाम पचास पैसे प्रति लीटर बढ़ाने की व्यवस्था लागू की थी। दो मौकों को छोड़कर यह बढ़ोतरी जा रही और अब इस पर प्रति लीटर सिर्फ 1.62 रुपये की सब्सिडी ही दी जा रही है।
मोदी सरकार की ओर से यूपीए के इस फैसले को बरकरार रखने की स्थिति में डीजल पर रही-सही सब्सिडी भी खत्म हो जाएगी। इस कवायद से आखिर डीजल की कीमतें बाजार से जुड़ जाएंगी।
उठाए जा सकते हैं बड़े कदम
दाम बढ़ाने की पहल से जुड़े सूत्र के मुताबिक डीजल मॉडल का इस्तेमाल रसोई गैस और केरोसिन पर भी किया जाएगा। इस वक्त 14.2 किलो के रसोई गैस सिलेंडर पर 432.71 रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी दी जा रही है।
अगर इसके दाम में हर महीने पांच रुपये की बढ़ोतरी की जाती है तो पूरी सब्सिडी खत्म होने में सात साल का वक्त लगेगा। सूत्रों के मुताबिक अगर राजनीतिक नेतृत्व मजबूत कदम उठाए यह बढ़ोतरी दस रुपये तक भी हो सकती है।
आम लोगों की बढ़ेंगी मुश्किलें
केरोसिन तेल के हर लीटर पर 32.87 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। अगर इसकी कीमत हर महीने एक रुपया बढ़ाई जाती है तो पूरी सब्सिडी खत्म होने में ढाई साल लगेंगे।
ईंधन सब्सिडी सरकारी खजाने पर सबसे बड़ा बोझ है। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान डीजल, रसोई गैस और केरोसिन पर 1,15,546 करोड़ रुपये दिए जाने का अनुमान है। इनमें से रसोई गैस की सब्सिडी 50,324 करोड़ और केरोसिन 29,488 करोड़ रुपये है।